चण्डीगढ़, 24 दिसंबर- हरियाणा के अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सबका साथ-सबका विकास व अंत्योदय के सिद्धांत पर चलते हुए गरीब से गरीब व्यक्ति के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जाति के लोगों के लिए स्व-रोजगार के लिए हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाने वाले ऋण के लिए परिवार की वार्षिक आय की सीमा तीन लाख रुपये तक बढ़ाई गई है।
आज यहां जारी एक वक्तव्य में श्री बेदी ने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वार्षिक आय की वर्तमान नीति में संशोधन किया गया है। वर्तमान नीति के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पहले यह 98,000 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में लिए 1.20 लाख रुपये निर्धारित थी जिसे बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधित नीति के अनुसार निगम द्वारा कम से कम 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता ऐसे लाभार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी जिनके परिवार की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये तक है तथा शेष प्रतिशत की वित्तीय सहायता उन लाभार्थियों को उपलब्ध करवाई जाएगी जिनके परिवारों की वार्षिक आय 1.50 लाख रुपये से अधिक व तीन लाख रुपये तक है।
Post Now India Post Now India