कुरुक्षेत्र, 13 जून: सन्निहित सरोवर स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में वीरवार को निर्जला एकादशी के उपलक्ष्य में विष्णु सहस्त्रनामस्त्रोतम पाठ अनुष्ठान किया गया। मंदिर के महंत विजय गिरि के सान्निध्य में व्यवस्थापक स्वामी अनूप गिरि महाराज के साथ श्रद्धालुओं ने सुबह भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा करके तुलसी की मालाएं अर्पण की। इसके बाद मीठे-ठंडे पानी की छबील लगाई गई। भक्ति प्रवचनों में स्वामी अनूप गिरी ने कहा कि भारतीय उपासना में निर्जला एकादशी का महात्म्य बहुत अधिक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक मास कोई न कोई व्रत आता ही रहता है। इसी दौरान ज्येष्ठ माह की शुक्ल पक्ष एकादशी को बिना पानी पिए व्रत रखा जाता है तथा द्वादशी को परायण करके व्रत खोला जाता है। भीष्ण गर्मी के बीच निर्जला व्रत रखना बहुत कठिन है, इसमें दान-पुण्य-सेवा का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है।
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