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प्राणायाम का पूरा लाभ लेने के लिए विशेषकर चार बातों पर ध्यान देना होगा: जिला आयुष अधिकारी राजबीर लांगियान

करनाल 15 जून: जिला आयुष अधिकारी राजबीर लांगियान ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राणायाम का पूरा लाभ लेने के लिए विशेषकर चार बातों पर ध्यान देना होगा, जिसमें सर्वप्रथम विधि, अवधि, निरंतरता व एकाग्रचित। इसके साथ-साथ योग के प्रति विश्वास भी जरूरी है। वे शनिवार को लघु सचिवालय के प्रांगण में 5वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर पतजंलि योग समिति के जिलाध्यक्ष राव सूर्यदेव, सचिन मलिक, योगाचार्य संदीप व शिक्षक केहर सिंह ने आसन व क्रियाओं का अभ्यास करवाया।

जिला आयुष अधिकारी ने बताया कि किसी भी प्राणायाम का अभ्यास लगातार पांच से सात मिनट तक करने पर ही उसका शरीर के अंगों पर प्रभाव पडऩा शुरू होता है। सार रूप में योग आध्यात्मिक अनुशासन एवं अत्यंत सूक्ष्म विज्ञान पर आधारित ज्ञान है जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। योगाभ्यास में योग मुद्रा व एक्युप्रेशर विज्ञान का भी अपना महत्व है। जोड़ो में दर्द, घुटने दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द व थॉयराईड जैसे रोगों से मुक्ति पाने में एक्यप्रेशर विज्ञान का बहुत ही उपयोगी है। उन्होंने कहा कि योग अपनाने वाले व्यक्तियों को गम्भीर बिमारी नहीं होती और उनमें आत्मविश्वास तथा बल की वृद्धि बनी रहती है। योग करने वाला व्यक्ति दिनभर ताजगी और स्फूर्ति से भरा रहता है तथा मन की स्थिरता के कारण अपनी दिनचर्या के सभी व सही निर्णय लेने में सक्षम होता है। उन्होंने बताया कि आज पूरे विश्व ने योग के महत्व को मानकर इसे अपनाया है और भारत योग से पुन: विश्व गुरू बन गया है। योग के अत्याधिक महत्व के कारण ही अब यह विश्व स्तर पर मनाया जाता है। जिला संयोजक राव सूर्यदेव ने साधकों से अपील करते हुए आह्वान किया कि 5वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के राष्ट्र पर्व के रूप में मनाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक लोग इस कार्यक्रम से जुड़ें।
शिविर में राव सूर्यदेव ने योग के सभी आसनों का अभ्यास करवाया और फिर कपालभाति तथा अनुलोम-विलोम करवाकर उसके लाभ भी बताए। उन्होंने कहा कि शरीर के 8 चक्र हैं, जिन पर सारा सिस्टम आधारित है। एलोपेथी, सिम्पटन पर आधारित पैथी है, जबकि शरीर चक्रों पर। योग करने से सारी कोशिकाएं जागृत होने के साथ पुनर्जिवित भी हो जाती हैं, एक तरह से नाडिय़ों का शोभन होता है। उन्होंने बताया कि आगामी 16 से 18 जून के बीच शहर के ओपीएस विद्या मन्दिर में योग शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कोई भी भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ उठा सकता है। इस शिविर में पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से योग शिक्षक शहरवासियों को योग के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।

शिविर में योग शिक्षक केहर सिंह ने वक्र आसन, मयूर आसन, ताड़ासन, वक्ष आसन, अर्धचक्र आसन तथा पावस्थ आसन का अभ्यास करवाया। उन्होंने बताया कि आसनों से शरीर के घुटने, कमर, उदर, मासपेशियां व दिमाग स्वस्थ रहता है। इस मौके पर एसबीआई के एजीएम एवं पतंजलि योग पीठ के योग प्रशिक्षक जोगिन्द्र भुटानी नेें योग के साथ-साथ ध्यान पर भी जोर दिया और बताया कि श्रृष्टि रचियता भगवान सर्व शक्तिमान है। मनुष्य को नित शुद्ध कर्म करते हुए योग से जुड़े रहना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. मनोज मित्तल ने योग के फायदों के बारे में बताते हुए कहा कि लम्बे समय तक बीमारियों से दूर रहने के लिए योग को अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें। मीडिया प्रभारी केहर सिंह चोपड़ा ने बताया कि जिला प्रशासन, आयुष विभाग, शिक्षा विभाग व पतंजलि योग पीठ योग दिवस की तैयारियों को लेकर पूरे तालमेल के साथ क्रियाशील है। इस अवसर पर आयुर्वैदिक अधिकारी राजबीर लांगियान ने तीन दिन तक योग प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा पतंजलि योग पीठ के योग शिक्षकों का धन्यवाद किया। इस मौके पर पंचायती राज के कार्यकारी अभियन्ता रामफल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी राजपाल, उप जिला शिक्षा अधिकारी सपना जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड़, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता धर्मवीर, आयुष विभाग के डा. नरेश, डा. नीतिन, डा.अमित पुंज, डा धर्मबीर.डा. जोगिन्द्र सहित सचिवालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

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