कुरूक्षेत्र, 31 मार्च : सैक्टर-13 स्थित कम्युनिटी सेन्टर में आयोजित श्रीमद्भागवत मंथन कथा महोत्सव में कथावाचक तमालकृष्ण दास ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं में पूतना वध, मिट्टी खाने के बहाने मां यशोदा को मुख में ब्रह्मांड के दर्शन कराना, कंस वध और गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण इत्यादि प्रसंग विस्तार से सुनाए। इस अवसर पर श्रीकृष्ण को 56 भोग प्रसाद लगाए गए और राधा-कृष्ण की झांकी दिखाई गई। उन्होंने कहा कि कर्म परछाई की तरह मनुष्य के साथ रहते है, इसलिए श्रेष्ठ कर्मों की शीतल छाया में रहना चाहिए। श्रद्धा और विश्वास के रथ पर सवार रहोंगे, तो तुम्हारा मन रूपी घोड़ा नियंत्रण में रहेगा। प्रवचनों के दौरान सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा मेें गिरीराज पर्वत की कृत्रिम आकृति बनाई गई। सभी भक्तों ने गिरीराज की पूजा में भाग लिया।
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