कैथल, 16 जुलाई: भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग के आर्थिक सलाहकार श्री देवेंद्र सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ जल शक्ति अभियान के तहत कैथल शहर के विभिन्न स्थलों तथा फतेहपुर गांव में सिरसा ब्रांच पर सन 1890 में स्थापित की गई हरियाणा की एक मात्र पन-चक्की का निरीक्षण किया। उन्होंने जल सरंक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए विभिन्न स्थलों पर पौधा रोपण भी किया।
श्री देवेंद्र सिंह ने कलायत के उपमंडलाधीश एवं कैथल नगराधीश विवेक कुमार, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता पीके गुप्ता, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अशोक कुमार, एमई राजकुमार शर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ सर्वप्रथम विद्यक्यार झील का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह झील शहर के लिए अमूल्य धरोहर है। हमें इसका वर्षा के जल को एकत्रित करके उसे जल शोधन यंत्र में साफ करने के बाद झील में संचय कर सकते हैं। उन्होंने इस झील के तीनों हिस्सों के निरीक्षण के दौरान कहा कि यह झील वर्तमान में थ्री पोंड सिस्टम की प्रणाली पर बनाई गई लगती है। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे शहर में वर्षा के जल को एक जगह पर एकत्रित करके तथा उसे शोधन करके इस झील में डालने के लिए प्रस्ताव तैयार करें ताकि वर्षा ऋतु के दौरान शहर में व्यर्थ बहने वाले पानी का सदुपयोग किया जा सके। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को सूरजकुंड के निरीक्षण के दौरान भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह दोनों स्थल वर्षा ऋतु के दौरान शहर में वर्षा के जल को एकत्रित करने के अच्छे स्त्रोत साबित हो सकते हैं, जिससे हम सडक़ों पर बहने वाले व्यर्थ जल का संचय करके प्रयोग के लिए एकत्रित कर सकते हैं। उन्होंने सूरज कुंंड पर पूजा-अर्चना भी की।
श्री देवेंद्र सिंह ने इसके उपरांत जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानस रोड पर पट्टïी खोत में स्थापित किए गए मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने इस संयंत्र में साफ किए जा रहे सीवरेज के पानी की प्रणाली का अवलोकन किया तथा कहा कि इस संयंत्र में बदबू नहीं है तथा गंदे पानी को अच्छी प्रकार से साफ किया जा रहा है। उन्होंने सरकार को सुझाव भेजते हुए लिखा कि इस संयंत्र द्वारा साफ किए गए पानी को किसानों को मुफ्त फसलों की सिंचाई के लिए उपलब्ध करवाया जाए तथा किसानों की मांग पर इस पानी को उनके खेतों तक पहुंचाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके उपरांत उन्होंने स्थानीय जींद रोड स्थित मल शोधन संयंत्र का निरीक्षण करने के उपरांत जिला प्रशासन व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आस-पास के किसानों को इस संयंत्र द्वारा साफ किए गए जल को फसलों में सिंचाई के लिए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि इस जल को ड्रेन में न डालना पड़े और किसानों को भी फसल सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस जल को ड्रेन में डालने से पूर्व राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण की हिदायतों का पूरा पालन हो। उन्होंने पट्टïी खोत स्थित एसटीपी परिसर में अन्य उच्चाधिकारियों के साथ पौधा रोपण किया।
श्री देवेंद्र सिंह ने इसके उपरांत स्थानीय सिविल अस्पताल परिसर में स्थापित किए गए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अवलोकन किया तथा विभाग द्वारा की गई इस सकारात्मक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के चारों तरफ सुरक्षा की दृष्टिï से जाल व शैड आदि की व्यवस्था की जाए ताकि इसमें बच्चे व पेड़ों के पत्ते आदि न गिरें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 2011 में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया गया था। इसके तहत अस्पताल परिसर के भवनों की सभी छतों का वर्षा का पानी इसमें एकत्रित होकर भूमि में रिचार्ज हो जाता है, जिससे अस्पताल परिसर में जल भराव की समस्या भी नहीं होती तथा वर्षा के जल का सदुपयोग भी हो जाता है।
उन्होंने अधिकारियों की टीम के साथ फतेहपुर की सीमा में सिरसा ब्रांच नहर की बुर्जी संख्या 166844 पर सन 1890 में स्थापित की गई हरियाणा की एक मात्र पन-चक्की का अवलोकन किया तथा इसकी कार्य प्रणाली की जानकारी हासिल की। यह पन-चक्की पानी के बहाव से चलती है तथा इसमें पिसा हुआ आटा बिल्कुल ठंडा होता है और काफी समय तक खराब नहीं होता। यहां पर आस-पास के गांवों से लोग आटा पिसवाने के लिए आते हैं। उन्होंने पन-चक्की के सामने खुले मैदान में पौधा रोपण अभियान के तहत पौधा रोपा तथा सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता बनारसी दास को निर्देश दिए कि वे इस परिसर व विभाग की अन्य आस-पास की भूमि पर पौधा रोपण करवाकर उनकी देखभाल करवाएं।
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