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मानसून से पहले-पहले बाढ़ बचाव के कार्यों को करें मुकम्मल: वित्तायुक्त केशन आनंद अरोड़ा

करनाल 12 जून: हरियाणा की वित्तायुक्त (राजस्व) केशनी आनंद अरोड़ा ने आज वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे मानसून से पहले-पहले बाढ़ बचाओ से संबंधित सभी कार्य मुकम्मल कर लें। इसके साथ-साथ अपने-अपने जिला में ड्रेन व नहरों का भी नियमित भ्रमण करें ताकि समय रहते किसी भी अनहोनी की स्थिति पर काबू पाया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में उनकी मांग अनुसार अल्प व मध्यावधि के कार्यों के लिए बजट मुहैया करवा दिया गया था, फिर भी यदि किसी को जरूरत है तो उस बारे मुख्यालय को अवगत करवाएं।

बाढ़ से बचाव के उपायों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में खाद्य सुरक्षा, पशुओं के लिए चारा, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल, बिजली आपूर्ति तथा मनरेगा के तहत करवाए जाने वाले कार्यों की तैयारी रखें। बाढ़ जैसी स्थिति में कृषि विभाग के पास मौसम के अनुसार विभिन्न फसलों के बीज की उपलब्धता हो। बाढ़ से फसलों के खराबे की गिरदावरी वास्तविक गिरदावरी मानी जाएगी। जिन जिलों में किश्तियों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है उसकी मांग तुरंत करें, वैसे इस तरह की जरूरतें पूरी करने के लिए जिलों में धनराशि उपलब्ध करवा दी गई है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे नदी-नालों, पुलों व ड्रेनों की सफाई का कार्य मुकम्मल करवा लें। पानी निकालने के लिए पम्पों की पर्याप्त व्यवस्था हो। सभी पम्प हाऊस का निरीक्षण सुनिश्चित करें। इलाके के सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों व अधिकारियों का सम्पर्क नम्बर लेकर उनका गु्रप बना लें। लकड़ी की बल्लियां तथा सीमेंट इत्यादि का पर्याप्त स्टॉक रखें। जिन जगह पर बिजली के क्रैक्शन लेने जरूरी हैं उन्हें भी जल्द ले लें। मानसून में बारिश के चलते सभी उपायुक्त अपने-अपने कार्यालयों से निकलकर फील्ड में भ्रमण करेंगे।

वित्तायुक्त (राजस्व) ने प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने के लिए भी उपायुक्तों को निर्देश दिए, कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ एक मीटिंग कर आम जनता को लू व गर्म हवा से बचाव के लिए क्या उपाय करने चाहिएं उन बारे जागरूक करें। जो चीजें नहीं करनी चाहिए जनता को उनका भी पता हो। उन्होंने कहा कि सालों बाद प्रदेश में भीषण गर्मी हुई है, ऐसे में कहीं भी पीने के पानी की दिक्कत नहीं होनी चाहिए, जहां-जहां नहरी पानी पर आधारित पेयजल परियोजनाएं हैं, वहां तालाब पानी से भरे हों, यह सुनिश्चित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार पीने के पानी की छबीले लगाएं। समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी उपायुक्तों से उनकी समस्याएं भी पूछी।

वीडियो कांफ्रैंस में सिंचाई विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति में किसी भी घटना की सूचना मुख्यालय को तुरंत दी जानी अपेक्षित रहेगी और इसके लिए संबंधित कार्यकारी अभियंता जिम्मेवार होंगे।

नगराधीश नवीन आहुजा ने वीडियो कांफ्रैंस में समीक्षा के दौरान वित्तायुक्त को बताया कि करनाल जिला में यमुना जल सेवाएं सर्कल के तहत 6 करोड़ 65 लाख रुपये के अल्प, मध्यम व दीर्घावधि के 6 कार्य प्रगति पर चल रहे हैं, जो आगामी 25 या 30 जून तक मुकम्मल हो जाएंगे। इनमें 65 कार्य ड्रेनों से संबंधित, 55 मनरेगा के कार्य तथा 10 विभागीय कार्य हैं। कार्यों का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि सांभली लिंक ड्रेन की बुर्जी नं. 0 से बुर्जी 6560 तक बाएं किनारे की मरम्मत, कलसौरा कॉम्लैक्स पर 8 पुराने क्षतिग्रस्त स्टोन स्टड की मरम्मत तथा यमुना नदी पर पत्थर की ठोकरें लगाना, नबियाबाद कॉम्लैक्स पर 3 क्षतिग्रस्त स्टोन स्टड की मरम्मत, जम्मूखाला कॉम्पलैक्स पर पत्थर की ठोकरें लगाना, 1 नया स्टोन स्टड तथा 4 स्टोन स्टड की मरम्मत, मुस्तफाबाद कॉम्पलैक्स पर पत्थर की ठोकरें तथा 6 स्टोन स्टड की मरम्मत के अतिरिक्त बालू लिंक डे्रन की बुर्जी नम्बर 33530 तथा 45050 के बीच पाईपों को बदलना के कार्य शामिल हैं।

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