कुरुक्षेत्र, 23 दिसम्बर । अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में मिट्टी से बनी प्रतिमाएं और सुंदर-सुदंर आकृतियोंं के उपर हाथ की कारागिरी पर्यटक और स्थानीय लोगों को बहुत ही भा रही है। इन प्रतिमाओं पर सुंदर सुंदर अनोखे रंग हाथ से इस शिल्पकार की अदभुत कला का प्रदर्शित कर रहे है।
फरीदाबाद से आए दीपक भाटिया ने बताया कि वह ये प्रतिमाएं मिट्टी से तैयार करता है और इन प्रतिमाओं को वह डाई से बनाता है और इसके बाद में सुंदर-सुंदर रंग करके इनको अनोखा रूप देता है। जिसे देखकर इन प्रतिमाओं में जीती जागती तस्वीर दिखाई देती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं घरों में साजो-सजावट में चार चांद लगा देती है। ये प्रतिमाएं टिकाऊ और सुंदर होती है जिसके आगे प्लास्टिक से बनी साजो सजावट की वस्तुए इसके आगे फीकी पड जाती है। स्टॉल नम्बर 198 के दीपक ने बताया कि वह इस मेले में मिट्टी से बनी डासिंग डोल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। वह इस मेले में तुलसी गमला, फ्लावर वास, बुद्धा, घंटी, गणेश, तबला इत्यादि की प्रतिमाएं लेकर आया है जिसे लोग जमकर खरीददारी कर रहे है। इनकी कीमत 50 से 3 हजार रुपए तक की है।
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