कुरुक्षेत्र 1 फरवरी अग्रसेन पब्लिक स्कूल में कक्षा सातवीं से नौवीं तक के बच्चों के विद्यार्थियों के लिए को शैक्षणिक मनोविज्ञान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया | इस अवसर पर आचार्या पवन मुख्या वक्त थे उन्होंने अपने वक्तव्य मैं बताया की मेह्नत करने से जरूरी मेह्नत करने का तरीका होता है ! इसलिए पढ़ाई शुरू करने से पहले दिमाग को एकाग्रचित करने का तरीका बताया और कहा की हम अंतराल थैरिपी से एक मनोदिशा से दूसरी मनोदिशा मैं आसानी से जा सकते है व स्मरण शक्ति के बारे में विस्तार से बताया कि रूचि , जुड़ाव और उपयोगिता से किसी बही विषय को सरलता से सिख सकते है ! कोई बही विषय मुश्किल नहीं होता केवल शिक्षक के प्रति आदर और विश्वास होना चाहिए ! अंत में सभी बच्चों को ब्रेन डायरी देते हुए दिनचर्या लिखने के लिए प्रेरित करते हुए समझाया की प्रतिदिन कोई भी कार्य करें तो अंत में उसकी आदत बन जाती है |
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