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योग हमें सम्पूर्णता से जीवन जीने की राह दिखाता है और तन और मन के विकारों को दूर करता है: डीडीपीओ

करनाल 13 जून: करनाल के जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी गगनदीप ने कहा कि योग भारत वर्ष की प्राचीन धरोहर है। इसके माध्यम से तन और मन को स्वस्थ व शुद्ध रखा जा सकता है। योग शारीरिक,मानसिक,अध्यात्मिक व सामाजिक स्वास्थ्य का साधन है। योग हमें सम्पूर्णता से जीवन जीने की राह दिखाता है और तन और मन के विकारों को दूर करता है।

वे वीरवार को लघु सचिवालय के प्रांगण में अतिरिक्त उपायुक्त कुशल मार्गदर्शन में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की श्रृंखला में अधिकारियों और कर्मचारियों के तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर के शुभारम्भ अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रोटोकॉल अभ्यास में उपस्थित अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि हम योग को अपनाकर संतुलित जीवन का निर्वहन कर सकते हैं। नियमित योगाभ्यास से जीवन एवं मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे वात-कफ-पित का संतुलन कायम होता है तथा हमें अनेक प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि योग के साथ-साथ हमें अपने आस-पास के परिवेश को स्वच्छ रखना चाहिए। स्वच्छता में ही ईश्वर निवास करते है।

जिला प्रशासन, आयुष विभाग हरियाणा व पतंजलि योग समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले योग दिवस समारोह के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के योग प्रशिक्षण शिविर में पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष सूर्यदेव द्वारा योग प्रोटोकोल का अभ्यास करवाया गया। इस अवसर पर आयुर्वैदिक अधिकारी राजबीर लांगियान, पंचायती राज के कार्यकारी अभियन्ता रामफल सिंह, आयुष विभाग के डा. नरेश, डा. नीतिन, डा.अमित पुंज, डा धर्मबीर.डा. जोगिन्द्र सहित सचिवालय के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
बॉक्स:-प्रोटोकॉल योग अभ्यास शिविर का शुभारम्भ शंखनाद से किया गया। इसके बाद योगाभ्यास से संबंधित सावधानियां बताई गई। योग प्रोटोकॉल के दौरान शिथिलीकरण अभ्यास के आसन करवाए गए। योग शिक्षक राव सूर्य देव ने उष्ट्रासन, शशकासन, उत्तानमंडूकासन, वक्रासन, मक्रासन,भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंध आसन, उत्तानपाद आसन, अर्धहलासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभाति, नाड़ी शोधन, शीतली प्राणायम, भ्रामरी प्राणायम तथा ध्यान लगवाया गया। सूर्यदेव द्वारा योग साधकों को इन सभी आसनों से मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। योग शिवर का समापन शांतिपाठ के साथ किया गया।

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