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रुख्सत होने से पहले 2019 में मिलने का शिल्पकार और कलाकारों ने किया वादा

कुरुक्षेत्र 23 दिसम्बर –  कुरुक्षेत्र उत्सव अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 ने राष्ट्र ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक पहचान बना ली है। इस महोत्सव के क्राफ्ट और सरस मेले के अंतिम दिन शिल्पकारों और कलाकारों ने रुख्सत होने से पहले फिर से वर्ष 2019 में मिलने का वादा किया। यह महोत्सव पूर्ण सुरक्षा और व्यवस्था के बीच सफल आयोजन के साथ सम्पन्न हुआ। अहम पहलु यह है कि आगामी वर्ष में अतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव-2019 में 8 दिसम्बर 2019 रविवार को दीपदान कार्यक्रम होगा।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2018 को यादगार और सफल बनाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों और शहर का आम नागरिकों का भरपूर सहयोग मिला। सभी के सांझे प्रयासों से यह महोत्सव सफलतापूर्ण रुप से सम्पन्न हुआ। अब इस महोत्सव ने लोगों के दिलों में अपनी स्थाई पहचान बना ली है। इस महोत्सव में यह देखने को मिला कि हरियाणा ही नहीं देश के कोने-कोने से लोग शिल्पकला का दीदार करने के लिए पहुंचे है।
 उन्होंने कहा कि इंटरनेट व दूरसंचार के साधनों के जरिए इस उत्सव की झलकियों को दुनिया के कोने-कोने में बैठकर लोगों ने देखा है। इस उत्सव को अनौपचारिक रूप से लाखों लोगों ने अवलोकन किया। ब्रहमसरोवर तट पर 7 से 23 दिसम्बर तक चले अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। महोत्सव में आए शिल्पकार अगले साल फिर से मिलने का वादा कर रुख्सत हुए। इस उत्सव में देश व प्रदेश के कोने-कोने से सांस्कृतिक कलाकारों व शिल्पकारों ने भाग लिया। यहां के लोगों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम होने के बावजूद रोजाना पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने इस महोत्सव में आकर जमकर खरीददारी की। अनौपचारिक रूप से इस समारोह में लाखों पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने महोत्सव में शिरकत की है।
17 राज्यों के 250 कलाकारों ने दिखाए हुनर
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 में 17 राज्यों के 250 से भी ज्यादा कलाकारों ने 7 दिसम्बर से लेकर 23 दिसम्बर तक पुरुषोत्तमपुरा बाग के मुख्य मंच और ब्रहमसरोवर के घाटों पर रोजाना सांस्कृतिक प्रोग्राम प्रस्तुत कर पर्यटकों का मनोरंजन किया। इस उत्सव में जहां आरती स्थल पर संध्या के समय विभिन्न नामी कलाकार अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। वहीं इसके साथ-साथ मुख्य पांडाल में सांध्यकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्घ अभिनेत्री ग्रेसी सिंह, द राईजिंग स्टार के विजेता हेमंत बृजवासी, प्रसिद्घ सुफी गायक सतिन्द्र सरताज, नामी गायक कैलाश खेर ने अपने कार्यक्रमों की प्रस्तुती दी। इस महोत्सव में भागीदारी देश मॉरीशिस और भागीदारी राज्य गुजरात की सांस्कृतिक विरासत के झरोखों को भी देखने का सुनहरी अवसर मिला।
1200 से ज्यादा सूचनाओं से मिला पर्यटकों को फायदा
जिला सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा स्टाल नम्बर एक पर बनाए गए सूचना केंद्र पर 7 दिसम्बर से लेकर 23 दिसम्बर तक 1200 से भी ज्यादा सूचनाएं देकर बिछड़ों को मिलाने, 100 से अधिक खोए हुए बच्चों को अभिभावकों से मिलाने, स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ-साथ खोए हुए सामान व अन्य मामलों का निपटारा करने का काम किया गया। इस सूचना केंद्र की कमान खंड प्रचार कार्यकर्ता बरखा राम, कृष्ण लाल, राजकुमार आदि ने संभाली हुई थी। इन लोगों ने लगातार 17 दिन तक पूरी ईमानदारी से डयूटी की।
बहरूपिए व कच्ची घोड़ी रही आकर्षण का केंद्र
सांस्कृतिक कलाकारों के अलावा राजस्थान के बहरूपिए व कच्ची घोड़ी के साथ-साथ पंजाब से आए बाजीगर ग्रुप भी उत्सव में आकर्षण का केंद्र रहे। बहरूपिए नौशाद ने इस उत्सव में 72 से भी ज्यादा रूप बदल कर पर्यटकों का दिल जीत लिया।
कान्हा के बालस्वरूप के वस्त्रों की रही खूब डिमांड 
भगवान श्रीकृष्ण की उपदेशात्मक भूमि धर्मनगरी में कान्हा का बालस्वरूप एवं आकर्षक ड्रेस की खूब डिमांड रही। सरस मेले में कई शिल्पकार कान्हा के आकर्षक वस्त्र लेकर पहुंचे है। इसमें सर्दी एवं गर्मी के दोनों वस्त्र शामिल हैं। आकर्षक डिजाइन पर्यटकों को खूब पसंद आ रहे हैं। खास बात यह भी है कि पर्यटक कान्हा की ड्रेस को खरीदने में पूरी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं। सरस मेले में वे कान्हा की ड्रेस, सजावट का सामान, छोटे हार, माला, आकर्षक टोपी एवं मुकुट सहित अन्य सामग्री तैयार की जाती है।
समाजसेवी संस्थाओं, शहरवासियों व अधिकारियों का किया आभार व्यक्त
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 के सफल आयोजन पर शहर की सभी समाजसेवी व धार्मिक संस्थाओं, शहरवासियों और अधिकारियों, कर्मचारियों तथा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तमाम लोगों के संयुक्त प्रयास से ही 7 से 23 दिसम्बर तक चला यह महोत्सव सफल रहा।

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