कुरुक्षेत्र, 16 दिसम्बर (एस) श्री वैंकटेश्वर स्वामी तिरूपति बालाजी मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव भव्य ढंग से मनाया जा रहा है। मुख्य समारोह18 दिसम्बर को वैकुंठ एकादशी समारोह के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालू भाग लेंगे। गीता जयंती के अवसर पर मंदिर प्रांगण में धार्मिक साहित्य, मूर्तियों व साड़ी के पंडाल भी लगाए गए हैं, जिसमें लोग खरीददारी कर रहे हैं। तिरूमला तिरूपति देवस्थानम की ओर से प्रतिदिन सांय 3 से 5 बजे तक भजन संध्या भी आयोजित की जा रही है। वैकुंठ एकादशी के अवसर पर पूरे मंदिर प्रांगण को फूलों व फलों से सजाया जाएगा, जिसमें विदेशी फूल भी लगाए जाएंगे।
तिरूपति मंदिर के प्रभारी अधिकारी प्रेम चंद ने बताया कि 18 दिसम्बर को विशेष भजना संध्या आयोजित की जाएगी,
भगवान पर चढ़ती हैं कांजीवरम साड़ी
गीता जयंती के अवसर पर तिरूपति मंदिर में कांजीवरम साड़ीयां भी बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। भगवान वैकंटेश व अन्य देवी-देवताओं पर केवल यही साड़ी चढ़ाई जा सकती हैं। मंदिर प्रांगण में लगे पंडाल में उपलब्ध साडिय़ों का लोगों में बहुत उत्साह है तथा महिलाएं भगवान पर चढ़ाने के अलावा खुद पहनने के लिए भी इन साडिय़ों की खरीददारी कर रही हैं।
4000 से लेकर 2.50 लाख रुपए तक के चित्र
तिरूपति बालाजी मंदिर में लगा भगवान वैंकटेश व अन्य देवी-देवताओं के चित्रों का पंडाल लोगों में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। इस पंडाल में तंजावर शैली के चित्र उपलब्ध हैं। चित्रों की कीमत 4000 रुपए से लेकर 2.50 लाख रुपए तक है।
प्रतिदिन विमान से आते हैं लड्डू
तिरूपति देवस्थानम में भगवान के प्रसाद के रूप में दिया जाने वाला विशेष लड्डू भी तिरूपति मंदिर कुरुक्षेत्र में उपलब्ध करवाया जा रहा है। डाक विभाग की मदद से यह लड्डू प्रतिदिन विमान से चंडीगढ़ लाए जाते हैं तथा वहां से मंदिर में उपलब्ध करवाए जाते हैं। मंदिर प्रवक्ता ने बताया कि इस लड्डू की कीमत 100 रुपए प्रति लड्डू रखी गई है। लोग तिरूपति बालाजी के मूल स्थान का प्रसाद कुरुक्षेत्र में सरलता से प्राप्त कर पा रहे हैं। लोगों की मांग पर ही यह लड्डू कुरुक्षेत्र में उपलब्ध करवाए जाते हैं।
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