कुरुक्षेत्र, 18 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में सोलावुड की लकड़ी से बनी साजो सजावट और मॉ दुर्गा, गणेश, राधा कृष्ण, हरे राधा- हरे कृष्णा की छोटी-छोटी प्रतिमाएं पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। कोलकाता से आए किशन सिंह ने बताया कि वह इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर वर्ष आता है और इस तरह की छोटी-छोटी प्रतिमाओं को अपने हाथोंं से बनाकर लेकर आता है। इस प्रतिमाओं को बनाने के लिए वह सोलावुड की लकड़ी का प्रयोग करता है, इन छोटी-छोटी प्रतिमाओं को बनाने के लिए वह इस लकड़ी को चाकू और कैंची का प्रयोग करके उनकों एक अनोखा रूप देता है जिससे पर्यटक इन छोटी-छोटी और सुंदर प्रतिमाओं को जमकर खरीददारी करते है।
स्टॉल नम्बर 145 पर किशन सिंह ने बातचीत करते हुए बताया कि वह धान की फसल के दानों से भी मॉ दुर्गा के मुकुट और प्रतिमाओं को तैयार करता है। उसने बताया कि कोलकाता में दुर्गाष्टमी में जो मॉ दुर्गा की प्रतिमा बनाई जाती है वो उसी मिट्टी को पानी में डालकर कर उससे इन छोटी-छोटी प्रतिमाओं को तैयार करता है, पहले वह इन प्रतिमाओं को आग में डालकर उसे अच्छे तरह से पक्का करता है और फिर रंग बिरेंगे पेंट से इन प्रतिमाओं को बेहतरीन बनाता है। जिसे देखकर पर्यटक इन छोटी-छोटी प्रतिमाओं को खरीदने पर मजबूर हो जाता है। उसने बताया कि इन प्रतिमाओं की कीमत 150 से लेकर 1200 रुपए तक है।
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