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शिल्प और लोक कला के संगम से पिहोवा को मिली विश्व में पहचान

पिहोवा 10 फरवरीअंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2019 में आने वाले पर्यटकों ने इस महोत्सव को को एक अलग पहचान देने का काम किया है। इस महोत्सव की जहां भारत ही नहीं विश्व के विभिन्न देशों में जोरदार प्रशंसा की जा रही है, वहीं इस ऐतिहासिक महोत्सव के शिल्प मेले में देश के कोने कोने से आए शिल्पकार तथा विभिन्न राज्यों से आए लोक कलाकार भी गदगद नजर आए। अहम पहलू ये है कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के दौरान सरस्वती का घाट शिल्पकला व लोक कलाकारों की संस्कृति के संगम से सरोबार हो गया। यहां इस बात का उल्लेख करना भी जरूरी है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के पुख्ता इंतजामों के बीच पर्यटकों को हर प्रकार की सहुलियत दी गई है।
एसडीएम निर्मल नागर ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में हजारों पर्यटक शिल्प मेले और सांस्कृतिक लोक कला के दर्शन कर चुके हैं। अहम पहलु यह है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रयासों से ही इस महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सवमें हजारों पर्यटक महोत्सव के शिल्प मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन कर चुके है। इन पर्यटकों ने जहां जमकर खरीददारी की, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी खूब लुत्फ उठाया। इतना ही नहीं पर्यटकों ने विभिन्न तरह के व्यंजनों के साथ ताऊ बलजीत की जलेबी का भी स्वाद चखा। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन और तमाम संस्थाओं के सहयोग से इस समारोह को सफल बनाया गया है। इस बार किसी भी श्रद्धालु व पर्यटक को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी गई है।

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