कुरुक्षेत्र, 9 सितम्बर श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जिसके तहत गंभीर बीमारियों से करीब दशकों से पीडित मरीज भी यहां दो-तीन महीने दवाई खाने से ठीक हो रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला कुरुक्षेत्र के स्थाई निवासी 72 वर्षीय श्री यशपाल दत्ता का सामने आया हैं। उन्होंने अपनी एक शिकायत में कहा कि वह एक दशक से अधिक समय से मधुमेह की बीमारी से पीडि़त था। इसके उपचार के लिए उन्होंने अनेक बड़े अस्पतालों में चक्कर लगाए, परन्तु उन्हें किसी भी अस्पातल से कोई आराम नही मिला। इसके पश्चात वह किसी के कहने पर श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए डॉ. बलबीर सिंह संधु से मिले और अपनी सभी रिपोर्ट एवं करवाए गए उपचार के विषय में बताया।
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज को भेजी एक मधुर शिकायत में मरीज ने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से उसे सुगर करीब 255 से 260 तक रहती थी। अनेक अस्पतालों में उपचार के बाद भी जब कही से आराम नही तो उसने आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के डॉ. बलबीर संधु से उपचार शुरू करवाया, जिसके फलस्वरूव मात्र 2-3 महीनों में ही उसकी सुगर लेवल घटकर 155 से 160 रहने लगा। इससे वह पहले से बेहतर अनुभव भी करने लगा। इसके बाद दवाई खत्म होने पर जब वह दवाई लेने अस्पताल गया तो वहां डिस्पैंशनरी में दवाई समाप्त होने की बात कही गई। इसकी शिकायत उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को भेजी, जिस पर तुरन्त कार्रवाई करते हुए मरीज को दवाई उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने कहा कि दवाई का स्टॉक समाप्त होने पर कुछ दिक्कत आ रही थी, जिसे ठीक किया गया है। परन्तु मरीज यशपाल का उपचार कर रहे कॉलेज के वरिष्ठï चिकित्सक डॉ. बलबीर सिंह संधु की संस्तुति पर दवाई मंगवाई गई और संबंधित मरीज को उपलब्ध करवा दी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि मरीज शीघ्र ही पूरी तरह से स्वस्थ होगा, वहीं डॉ. संधु ने कहा कि मरीज को काफी आराम है। संधु ने कहा मरीज ने अनेक बड़े अस्पतालों में अपने उपचार के लिए पैसा एवं समय बर्बाद किया परन्तु उन्हें कही से आराम नही लगा था। इसलिए जैसे ही वह हमारे पास आया तो हमने आयुर्वेदिक पद्घति से उसका उपचार किया और आज उसे आराम है
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