कुरूक्षेत्र, 31 मार्च : सलारपुर रोड स्थित श्री नर्मदेश्वर महादेव आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथाव्यास राघवेंद्र सरकार ने जड़ भरत और भगवान वामन अवतार प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मनुष्य के कई जन्मों के पापों का क्षय हो जाता है। हमें भागवत कथा सुनने के साथ-साथ उसकी शिक्षाओं पर भी अमल करना चाहिए। प्रसंग में बताया गया कि वामन अवतार ने भगवान विष्णु ने राजा बलि को यह शिक्षा दी की दंभ तथा अंहकार से जीवन में कुछ भी हासिल नहीं होता और यह भी बताया कि यह धनसंपदा क्षणभंगुर होती है। इसलिए इस जीवन में परोपकार करों। अहंकार, गर्व, घृणा और ईष्र्या से मुक्त होने पर ही मनुष्य को ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। यदि हम संसार में पूरी तरह मोहग्रस्त और लिप्त रहते हुए संासारिक जीवन जीते है, तो हमारी सारी भक्ति एक दिखावा ही रह जाएगी। कथा के दौरान वामन अवतार की झाकी दिखाई गई और तेरे द्वार खड़ा भगवान भगत भर दे रे झोली पर श्रद्घालु भाव-विभोर हो उठे। श्रद्धालुओं ने जय-जय श्री राधे का पवित्र उदघोष किया।
Post Now India Post Now India