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सभी दिव्यांगों की पहचान कर बनवाएं यूआईडी, मिलना चाहिए सुविधाओं का लाभ: उपायुक्त विनय प्रताप सिंह

करनाल 13 अगस्त: दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत अनुसार सभी सुविधाएं एवं अधिकार मुहैया करवाने के मकसद से हरियाणा सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के बाद जिलों में कार्यवाही शुरू हो गई है। मंगलवार को करनाल के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में इस विषय को लेकर एक बैठक हुई जिसमें जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड़ के अतिरिक्त सिविल सर्जन डा. रमेश कुमार, उप जिला न्यायवादी पंकज कुमार, दिव्यांगजनों को समर्पित गैर सरकारी तपन पुनर्वास की संचालक डा. सुजाता, दिव्यांगजनों के संगठन से प्रतिनिधि नरेश रोहिल्ला तथा एक मनोचिकित्सक उपस्थित रहे। खास बात यह है कि इस तरह की मीटिंग की पहल सबसे पहले करनाल से की गई है।

बता दें कि अधिनियम की अनुपालना और दिशा-निर्देशों पर चलते हुए बैठक में एक जिला स्तरीय कमेटी के गठन करने का निर्णय लिया गया। जिसके अनुसार उपायुक्त कमेटी के अध्यक्ष तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य सचिव रहेंगे। कमेटी के अन्य सदस्यों में सिविल सर्जन, जिला अस्पताल से एक मनोचिकित्सक, एक लोक अभियोजक, गैर सरकारी पंजीकृत संगठन का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति तथा अध्यक्ष द्वारा नॉमिनेट किया गया एक दिव्यांग सदस्य शामिल किए गए हंै।

जिला स्तरीय इस कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने बैठक में कहा कि दिव्यांग हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और सभी तरह की तरक्की में इनका योगदान रहा है। इसलिए इनको वे सभी अधिकार एवं सुविधाएं मिलनी चाहिएं जिनके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर ऐसे सभी दिव्यांगों की पहचान की जाए जिनके यूआईडी कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके बैंक खातों से स्थायी पता लेकर यूआईडी कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों की पेंशन से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार समाधान किया जाए। उन्होंने इस संबंध में बीती एक तिमाही की रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डिजीटाईलेजेशन युग में दिव्यांगों के लिए बनी सभी प्रकार की योजनाओं की जानकारी उन्हें एसएमएस के जरिए भेजें।

उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी भवनों में दिव्यांगों की सुविधा के लिए रैम्प होने चाहिएं। यही नहीं होटल, बैंक्वेट हॉल, रैस्टोरेंट, सामुदायिक केन्द्र, मॉल इत्यादि में भी दिव्यांगों के आने-जाने के लिए सुगम रास्ते होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को सुविधा प्रदान करने के लिए एक सेफ होम की भी जरूरत है इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए ताकि उस पर कार्यवाही की जा सके। उन्होंने बजट डिमांड के लिए भी निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गठित कमेटी जिला स्तर पर कार्यरत सभी विभागों की ओर से दिव्यांगजनों को दी जाने वाली सुविधाओं की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ डाटा भी इकट्_ïा करेगी। इसके अलावा दिव्यांगजनों की ओर से प्राप्त शिकायतों का समयबद्घ निवारण भी करेगी।

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