Breaking News
Home / Social / समर्पण मानव सेवा समिति 250 से अधिक बच्चों को दिलवा रही है शिक्षा

समर्पण मानव सेवा समिति 250 से अधिक बच्चों को दिलवा रही है शिक्षा

करनाल: शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है लेकिन फिर भी कई गरीब और जरूरतमंद बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इसके साथ ही शिक्षा ही एक ऐसा जरिया है जो समाज की कई गंभीर समस्याओं का समाधान संभव है।

यह कहना है समर्पण मानव सेवा समिति के अध्यक्ष दिलबाग कादियान का। दिलबाग कादियान ने समिति के सदस्यों की आयोजित एक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि गरीब व जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दिलवाने के लिए समर्पण मानव सेवा समिति कृतसंकल्पित है। उन्होंने बताया कि डा. रजत मिमानी, डा. बलबीर सिंह विर्क, डा. नीरज का बच्चों की पढ़ाई में विशेष योगदान रहता है। संस्था द्वारा आज आयोजित की गई मीटिंग में 17 बच्चों की शिक्षा के लिए धनराशि जुटाई गई। दिलबाग कादियान ने बताया कि संस्था द्वारा करीब 250 गरीब बच्चों की शिक्षा का खर्चा उठाया जा रहा है। इसके अलावा उनकी संस्था द्वारा हर साल 600 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को किताबें, कापियां, वर्दी, ट्यूशन फीस व अन्य पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है। दिलबाग कादियान ने शहर के समाजसेवियों का आह्वान किया कि वह यदि गरीब बच्चों को शिक्षा दिलवाने में मदद करना चाहते हैं तो अपने सामथ्र्य अनुसार बच्चों की शिक्षा का खर्चा वहन कर सकते हैं। उन्होंने दानवीर कर्ण की नगरी के लोगों का आह्वान किया कि वह इस नेक कार्य में उनका साथ दें और गरीब बच्चों के उत्थान में सहायक बनें। दिलबाग कादियान ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है लेकिन कई कारणों से आज भी गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों के अभाव में कोई बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए इसके लिए हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। इस मौके पर राज पौधिया, देवेंद्र सचदेवा, सुरेंद्र मान, विनोद शर्मा, विमल शर्मा, हिमांशु ढींगड़ा, सुमन्त राणा, ललिता राणा, विजय ठाकुर, मनोज संधू, दिलावर, रोबिन सिंह शंटी अरोरा, बॉबी, रवि कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

About postnow

Check Also

स्वास्थ्य विभाग ने विश्व टीकाकरण सप्ताह तथा एम.आर. (खसरा-रूबेला) उन्मूलन अभियान का किया शुभारंभ

पिपली (कुरुक्षेत्र) (निस) 26 अप्रैल । स्वास्थ्य विभाग हरियाणा द्वारा जिला मे मनाए जा रहे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *