कुरुक्षेत्र। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सुरेश यूनिसपुर ने प्रदेश सरकार द्वारा पीने के पानी के बिलों में दस गुणा वृद्धि किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि यह जनता के हितों के खिलाफ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल सत्ता के नशे में चूर होकर जनता के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिसका खामियाजा भाजपा सरकार को आने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से पानी के बिलों में बढ़ोतरी को तुरंत वापिस लेने की मांग करते हुए कहा कि अगर सरकार ने बढ़ोतरी को वापिस नहीं लिया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। अगर कांग्रेस को पानी के बिलों को वापिस लेने के लिए आंदोलन चलाना पड़ा तो कार्यकर्ता इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी भारी मात्रा में पानी के बिलों के रेट बढ़ाए गए हैं। बढ़ोतरी से जनता में हाहाकार मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार जहां लोगों की हर जरूरतें पूरी करने के लंबे चौड़े दावे कर रही है, वहीं पानी के बिलों में बढ़ोतरी करके सरकार ने हर वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डालने का काम किया है। बिलों की बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब लोगों को उठाना पड़ेगा। पहले ही गरीब वर्ग महंगाई की मार झेल रहा है। ऊपर से पानी के बिलों में बढ़ोतरी ने उनके ऊपर दोहरी मार की है। उन्होंने कहा कि बढोतरी करने का सरकार का फैसला जनता के साथ अन्याय है। सरकार को बढ़ोतरी करने की बजाये हर व्यक्ति तक पीने के पानी को पहुंचाकर उसकी जरूरत पूरी करनी चाहिए, ना कि पानी के बिलों में बढ़ोतरी करके उनके ऊपर आर्थिक बोझ डालना। उन्होंने सरकार से मांग की कि पानी के बिलों में बढ़ोतरी को अविलंब वापिस लेकर जनता को राहत दिलाई जाए।
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