करनाल 09 अगस्त, हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने शुक्रवार को विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रैंस कर सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 की शत-प्रतिशत अनुपालना के निर्देश दिए और कहा कि अगले माह दिल्ली में होने वाली राष्टï्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की बैठक से पहले सभी लक्ष्यों को मुक्कमल करके इसकी रिपॉर्ट चंडीगढ़ मुख्यालय भेजें।
वीडियो कांफ्रैंस में मुख्य सचिव ने सोलिड वेस्ट, ई-वेस्ट, कंस्ट्रक्शन एवं डैमोलिशन वेस्ट के उचित प्रबंधन के साथ-साथ सूचना, शिक्षा व संचार गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि वे ऐसी गतिविधियों को कागज तक ही सीमित न रखें अपितु लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करने का कार्य करें क्योंकि पर्यावरण संरक्षण हम सबके लिए अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को जागरूक करने के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से पम्फलैट बंटवाएं। इसके अलावा घर-घर से कूड़ा-कचरा एकत्र करने वाले वाहन में रिकोर्डिंग के जरिए गृहणियों को सोर्स एग्रीगेशन यानि गीला व सूखा कचरा अलग-अलग देने की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए आम भाषा के शब्दों का चयन किया जाए ताकि हर व्यक्ति उसे आसानी से समझ सके।
उन्होंने कहा कि मैडिकल तथा सीएनडी वेस्ट के प्रंबधन की अब तक की गई कारगुजारी की रिपोर्ट शीघ्र मुख्यालय भेजें। जिन जिलों में सीएनडी वेस्ट को लेकर स्थानों का चयन नहीं किया गया इस बारे भी आवश्यक कार्यवाही कर लें। जिला स्तर पर उपायुक्तों की अध्यक्षता में गठित की जा रही कमेटियों के माध्यम से सभी सरकारी व गैर-सरकारी चिकित्सा केन्द्रों पर यकायक जाकर उनकी मॉनिटरिंग करें, इसे अति-आवश्यक बनाएं।
मुख्य सचिव ने जल शक्ति अभियान को लेकर भी उपायुक्तों से रिपोर्ट जानी। उन्होंने उन उपायुक्तों की सराहना की जिन्होंने इस अभियान को लेकर सक्रियता से कार्य करवाया है और जल संचय को लेकर कार्यकलापों के अलावा किसानों, संस्थाओं, ग्राम पंचायतों तथा शिक्षण संस्थाओं में रेन वाटर हार्वेस्टर बनवाएं हैं। उन्होंने करनाल के उपायुक्त विनय प्रताप सिंह सहित प्रदेश के उपायुक्तों की सराहना करते हुए कहा कि जल शक्ति अभियान में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है और यह हम सबके लिए बड़े गौरव की बात है लेकिन हमें इस पर अधिक संतुष्टï न होकर प्रथम स्थान पर आने के लिए प्रयास करने चाहिए।
वीडियो कांफ्रैंस में उपायुक्त करनाल विनय प्रताप सिंह ने बताया कि मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए जिला में कमेटी का गठन कर दिया गया है और निर्देश दिए गए हैं कि वे इसकी मॉनिटरिंग कर नियमित साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि इसके अलावा नगरनिगम क्षेत्र में शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रीगेशन हो रहा है। गीले कचरे से कम्पोस्ट बनान का कार्य भी जारी है। शहर में बल्क वेस्ट प्रबंधन के लिए 35 जगहों की पहचान की गई है जिनमें होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल व शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं।
इस मौके पर एडीसी अनीश यादव, नगरनिगम आयुक्त राजीव मेहता तथा नगरनिगम, नगरपालिका व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
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