कुरुक्षेत्र 18 दिसम्बर (एस)- गीता ज्ञान है, गीता विज्ञान है, गीता सत्य है, गीता सनातन है, गीता संस्कार है, गीता संस्कृति है,गीता विश्व प्रेम है, गीता अहिंसा है और गीता मानवता के कल्याण का महान ग्रंथ है। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ० श्रीप्रकाश मिश्र ने अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह 20 18 के अति पावन अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन द्वारा आयोजित अठारह दिवसीय विश्व कल्याण महायज्ञ की पूर्णाहुति समारोह में गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में गीता जयंती के पावन पर्व पर व्यक्त किए | कार्यक्रम का शुभारंभ ज्योतिसर स्थित गीता का साक्षी वृक्ष के पूजा एवं परिक्रमा से हुआ। इस पावन अवसर पर भारत के अनेक प्रांतों से आए हुए गीता प्रेमियों ने भी आहुति डाली। ज्योतिसर संपूर्ण विश्व में सबसे महान दर्शनीय स्थल है। गीता और भारत एक दूसरे के पूरक हैं। भारत दुनिया का सिरमौर बने भारत विश्व गुरु बने इसके लिए आवश्यक है, हरियाणा पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ० आर०सी० मिश्रा ने प्रमुख रूप से यज्ञ में आहुति डाली उन्होंने कहा गीता समसामयिक समकालीन और एक वैश्विक ग्रंथ है। गीता से प्रेरणा लेकर देश के अन्य को वीर शहीदों ने राष्ट्र की रक्षा के लिए देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। गीता हजारों वर्ष से भारत का मार्गदर्शन कर रही है। गीता सार्वभौम धर्म का संदेश देती है, जिसका पालन सभी मनुष्य कर सकते हैं।
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