भारत को अंग्रेजों के अत्याचारों से मुक्ति दिलवाने और अमानवीय व्यवहारों से त्रस्त भारतीय जनता को एकजुट होकर छुटकारा दिलाने के लिए कृतसंकल्प होकर भारत के क्रांतिकारी वीर शहीदों ने क्रांति की आग फैलाई और अपने प्राणों की आहुति दी। इस तरह 15 अगस्त 1947 का दिन हमारे लिए स्वर्णिम दिन बना और हमारा देश स्वतंत्र हो गया। यह विचार मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने मातृभूमि सेवा मिशन, हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेन्टर अम्बाला मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में मिशन के फतुहपुर स्थित आश्रम परिसर में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण से हुआ। मातृभूमि शिक्षा मंदिर के विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति से प्रेरित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा कला परिषद मल्टी आर्ट कल्चरल सेन्टर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध सुफी पंजाबी गायक शमिन्द्र कुमार शम्मी ने राष्ट्रीयता से ओत प्रोत गीतों का गायन प्रस्तुत किया। डॉ श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि भारत के नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य होता है कि हम राष्ट्रीय एकता, अखण्डता और राष्ट्रीयता भावनाओं को नष्ट ना होने दें और इसको अधिक पुष्ट बनाएं इस कार्य में स्वतंत्रता दिवस की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है, इसके रूप में हम अपनी राष्ट्रीय एकता का जशन मनाते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा किसान मोर्चा के गन्ना प्रकोष्ट के राष्ट्रीय सह संयोजक जसबीर सिंह राणा थे। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता दिवस हमारी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक पर्व है। इतिहास साक्षी है कि अनेक धर्मों, अनेक जातियों और अनेक भाषाओं वाला यह देश अनेक विसंगतियों के बावजूद सदा एकता के सूत्र में बंधा रहता है। यहां अनेक जातियों आगमन हुआ और वह धीरे धीरे इसकी मूल धारा में विलीन हो गए। उनकी परंपराएं, विचारधाराएं और संस्कृति इस देश के साथ एकरूप हो गई। भारत की यह विशेषता आज भी ज्यो की त्यों बनी हुई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा समिति के हरियाणा प्रांत के अध्यक्ष एड़वोकेट रामेश्वर चहल ने कहा कि जो राष्ट्र संगठित होता है, उसे ना कोई तोड़ सकता है और ना ही कोई उसका कुछ बिगाड़ सकता है। वह अपनी एकता एवं सामूहिक प्रयास के कारण सदा प्रगति के पथ पर अग्रसर रहता है। कार्यक्रम के संयोजक सोमनाथ कक्कड़ ने आये अतिथियों को आभार ज्ञापित किया। मातृभूमि सेवा मिशन की ओर से शमिन्द्र कुमार शम्मी को शाल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर डॉ एस एम गुप्ता, डॉ संगीता गुप्ता, कपिल मदान, रमन कम्बोज, एड़वोकेट नसीब देशवाल, समाज सेविका कुसुम राणा, कर्मजीत संधु, सरदार काबल सिंह, विजय सैनी, डॉ तारा चन्द शर्मा, सुभाष चौहान, सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
Post Now India Post Now India