कैथल, 13 जून: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के दृष्टिगत जाट पोलटैक्निक कॉलेज के प्रागंण में अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए 3 दिवसीय योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास व प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया। शिविर का शुभारंभ जिला आयुर्वेदिक अधिकारी पूनम वालिया, जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी कृष्ण कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी रति राम शर्मा के अलावा पतंजलि योग समिति के पदाधिकारियों व प्रशिक्षकों द्वारा दीपशिखा प्रज्ज्वलित करके किया गया।
इस मौके पर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी पूनम वालिया ने बताया कि 21 जून को अर्न्तराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा, जिसके तहत अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए योग शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर 15 जून तक चलेगा, इसके बाद 20 जून को फाईनल रिहर्सल भी की जाएगी। योग साधकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें योग प्रतिदिन करना चाहिए, जोकि हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। दैनिक योगाभ्यास करने से मन एकाग्र होता है तथा शरीर के अंदर रोगों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है। उन्होंने बताया कि योग प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति है। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जा सकता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को दूर रखा जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव ऊर्जा का संचार किया जा सकता है। योग को दिनचर्या में शामिल करने से दिमाग शांत रहता है और कार्यक्षमता में इजाफा होता है।
योग शिविर में पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी मा. हरिओम तथा भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी रामशरण ने शिविर के दौरान योग प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न योगिक क्रियाएं करवाई। उन्होंने शिविर के शुभारंभ में चालन, ग्रिवा चालन क्रियाओं के अभ्यास करवाए। इसके बाद ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, दंडासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशकासन, उतानमंडूकासन, वक्रासन, मक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानापादासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन, शवासन के अभ्यास योग साधकों को करवाए और इनके लाभ तथा सावधानी के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। योग प्रशिक्षकों ने इसके बाद प्राणायाम करवाए, जिसके तहत कपालभाति, अनुलोम विलोम, शीतली तथा भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास करवाते हुए ध्यान भी लगवाया। उन्होंने बताया कि इन आसनों व प्राणायामों से कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, नजला, जुकाम, दवा, शुगर, गैस, सिर दर्द, डिप्रेशन, एलर्जी, उच्च रक्तचाप,कोलेस्ट्रोल, हृदय रोग, कैंसर, टीबी व सभी रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। शिविर का समापन संकल्प तथा शांति पाठ से किया गया।
इस मौके पर जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी सतविंद्र गिल, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह, कार्यक्रम अधिकारी रेणू पसरिचा, शमशेर सिंह, रमेश कुमार, डॉ. दिनेश पवार, मुख्य योग शिक्षक सरोज, बबीता, बदन सिंह, डॉ. संध्या आर्य, रामेश्वर दास, रजनी आर्य, अशोक मित्तल, शमशेर सिंह, चंद्रशेखर, गोपाल सैनी, पूर्व डीएसओ जसवंत सिंह, गुरमीत सिंह, रोहित, बीरभान शर्मा, कमलेश श्योकंद, डॉ. शंकुतला, अंजली, राजेंद्र कुमार, रामप्रकाश, पूनम पुनिया, कुमार आनंद, शिव कुमार, संदीप, रोबिन, राजेश गोपाल, नेहा, कमला, संदीप सिंह, कुसूम लता, मोहन लाल, पाला राम, कश्मीर सिंह, विनोद कुमार सहित अन्य योग साधक मौजूद रहे।
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