करनाल 20 दिसम्बर, हरियाणा सरकार द्वारा अप्रैंटिस स्कीम के तहत 4 साल के दौरान युवाओं को स्किल्ड़ बनाने के उद्देश्य से देश में सबसे अधिक युवाओं की अप्रैंटिस लगवाई गई है। इसी कडी में करनाल अप्रैंटिस लगवाने वालो में प्रदेश में अग्रणी जिला बनने की ओर अग्रसर है। अब तक जिला के भिन्न-भिन्न विभागो के 170 दफतर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। इनमें 1569 अप्रैंटिस की सीट थी, जिनमें से 1455 भरी जा चुकी हैं। इसके अलावा प्राईवेट सैक्टर में 591 अप्रैंटिस की सीटे हैं, जिनमे से 126 भरी जा चुकी हैं। शेष सीटों पर भी जल्द ही अप्रैंटिस एन्गेज करवा दिए जाएंगे।
यह जानकारी देते हुए स्थानीय बाबू मूल चंद जैन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य एवं स्कीम के नोडल अधिकारी बलदेव सिंह ने बताया कि 2017 से करनाल जिला में लागू अप्रैंटिस स्कीम में अब कुछ ही विभाग ही बचे हैं, जो सरकार के पोर्टल पर तो रजिस्टर्ड हैं,परंतु उन्होने अपनी डिमांड भेजकर कार्यालयो में अप्रैंटिस को काम पर नही रखा है। अतिरिक्त उपायुक्त ने बैठक में आए इन विभागो के प्रतिनिधियों को स्पष्टï कर दिया कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है, जो विभाग इसकी अनदेखी करेगा, वह स्वयं इसका जिम्मेवार होगा। उनका कहना था कि इस स्कीम का पालन नियमानुसार अति जरूरी है। उन्होने प्रतिनिधियों से कहा कि वे शीघ्र ही, कुल स्टाफ संख्या के 10 प्रतिशत के हिसाब से अप्रैंटिस को लगाएं। इससे आई.टी.आई. पास बेरोजगारो को रोजगार मुहैया होगा और वे अप्रैंटिस रहते हुए एक साल का प्रशिक्षण मुकम्मल कर भावी नौकरी के लिए पात्रता प्राप्त करने में सक्षम होंगे। उन्होने बताया कि एक साल के बाद अप्रैंटिस को एक परीक्षा देनी होती है, जिसे पास करने के बाद उसकी योग्यता में अप्रैंटिस का अनुभव जुड़ जाता है।
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