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आगामी अप्रैल या समूचे गन्ने को मिल में लेने तक करीब 40 लाख कुंतल गन्ने की पिराई की जाएगी: डॉ. आदित्य दहिया

करनाल 1 फरवरी   गन्ना विकास कार्यक्रम मेें राष्ट्रीय स्तर पर लगातार 5 वर्षों से प्रथम रहने वाले सहकारी चीनी मिल करनाल ने चालू सीजन में अब तक 16 लाख क्विंटल से अधिक  गन्ने की पिराई कर दी है और इससे 1 लाख 51 हजार 640 बैग चीनी का उत्पादन हुआ है। मिल का लक्ष्य है कि आगामी अप्रैल या समूचे गन्ने को मिल में लेने तक करीब 40 लाख कुंतल गन्ने की पिराई की जाएगी।
उपायुक्त एवं सहकारी चीनी मिल के अध्यक्ष डॉ. आदित्य दहिया ने शुक्रवार को इस सम्बंध में बताया कि चीनी मिल बिना किसी बाधा के कार्य कुशलता के साथ 24 घण्टे चल रहा हैए इसके लिए प्रात: 10 बजे से 6 बजे तक, सांय 6 बजे से रात्रि 2 बजे तक तथा रात्रि 2 बजे से प्रात: 10 बजे तक 3 शिफ्टो में कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी चीनी मिल करनाल की गन्ने से रिकवरी क्षमता 10 के करीब रही है, जो अच्छी मानी जाती है और यह सिलसिला कई सालों से जारी है। मिल में गन्ने की अधिकतर अगेती किस्मे ही पिराई के लिए आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि मिल के अधीन गन्ने का क्षेत्र 20 हजार 250 एकड़ है। किसानो को मिल में गन्ना लाने के लिए किसी प्रकार की दिक्कत ना आए, इसके लिए बॉडिंग के तहत किसानो के पास मिल की ओर से समय पर अर्थात एडवांस में ही पर्चियां पहुंचा दी जाती हैं। परिणाम स्वरूप कोई भी किसान गन्ने लाने की बाबत पूछने बारे मिल में नहीं आता, वह निर्धारित समय पर गन्ना लेकर ही आता है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए मिल परिसर में विश्राम गृह, चाय व खाने की कैंटीन मनोरंजन के लिए बड़ी एल.सी.डी., फर्नीचर और शौचालय इत्यादि की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। कोई भी किसान मिल के बाहर इसके स्टोर से चीनी भी खरीद सकता है। मिल से उत्पादित चीनी सफेद रंग में बढिया क्वालिटी की है। गन्ने की अदायगी को लेकर भी किसानो को किसी तरह की दिक्कत नहीं है। बीते 31 दिसंबर तक सभी किसानो की पेमेंट कर दी गई है।
दूसरी ओर मिल के प्रबंध निदेशक निर्मल नागर ने बताया कि सहकारी चीनी मिल परिसर में वर्षों पहले एक टीशु कल्चर लैब की स्थापना की गई थी, जो सफलतापूर्वक चल रही है। लैब से किसान बहुत से जायज दरों पर गन्ने के पौधे लेकर उन्हें अपने खेत में रोपित करते हैं। यह पौध साल के अक्तूबर व फरवरी-मार्च में रोपित की जाती है। उन्होंने बताया कि मिल में सारा गन्ना स्थानीय किसानों का ही लिया जा रहा है। उन्होने बताया कि मिल से बाहर इसके क्षेत्र में 5 गन्ना क्रय केन्द्र भी बनाए गए हैंए उनकी कारगुजारी को देखने के लिए समय-समय पर मिल के अधिकारी चैकिंग करते हैं। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे मिल की अच्छी कार्यकुशलता के लिए साफ  सुथरा गन्ना ही लेकर आएं।
फोटो कैप्शन: सहकारी चीनी मिल में पिराई के लिए आई गन्ने से भरी ट्रालियां।

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