करनाल 28 मई: एनजीटी के निर्देशों की पालना में शहर का नगर निगम कई दिनो से हानिकारक पोलीथिन के प्रयोग को बंद करने के लिए ग्राहको एवं दुकानदारों को जागरूक करने के अभियान में लगा है। मंगलवार को निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेन्द्र चोपड़ा के नेतृत्व में पूरे दल-बल के साथ शहर की गुड़ मण्ड़ी और इसके आस-पास के कॉमर्शियल एरिया में अभियान चलाया गया। एक-एक दुकानदार के पास उपलब्ध पोलीथिन की चैकिंग की गई। खास बात यह रही कि निगम के मोटीवेटर्स के प्रयासों से दुकानदारों के पास कम्पोस्टेबल पोलीथीन मिला। कुछ दुकानदारों के पास कम मात्रा में हानिकारक पोलीथिन के कैरीबैग भी मिले, उन्हे ऐसे पोलीथिन का प्रयोग ना करने अर्थात उनमें सामान डालकर ग्राहकों को ना देने के लिए चेतावनी दी गई। हानिकारक पोलीथिन को जब्त करने की कार्यवाही भी हुई।
नगर निगम की टीम में मुख्य सफाई निरीक्षक के अतिरिक्त दो सफाई निरीक्षक संदीप व प्रवेश, ट्रीगर मास्टर गुरदेव सिंह, मोटीवेटर तथा होमगार्ड के जवान शामिल रहे। इस दौरान किसी भी दुकानदार ने टीम के सदस्यों का विरोध नही किया, बल्कि भविष्य में कम्पोस्टेबल पोलीथिन के प्रयोग करने का ही आश्वासन दिया। टीम के सदस्यों ने गुड़ मण्ड़ी और इसके साथ लगते एरिया में स्थित दुकानों पर मौजूद ग्राहको को यह भी समझाया कि वे बाजारी सामान कम्पोस्टेबल पोलीथिन कैरीबैग में ही लें। यही नही विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमो में प्रयुक्त होने वाले थर्मोकोल से निर्मित डिस्पोजल बर्तनो की जगह कम्पोस्टेबल मैटीरियल से बने बर्तनो का ही प्रयोग करें।
दूसरी ओर बीते सोमवार को उप निगमायुक्त धीरज कुमार के नेतृत्व में शहर के मुगल कैनाल पर लग रही अस्थाई सब्जी मण्ड़ी में दुकानदारों और ग्राहकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। अभियान में सिटीजन ग्रीवेंसिस कमेटी के सदस्य भी शामिल हुए। खास बात यह रही कि जो ग्राहक हानिकारक पोलीथिन कैरीबैग में फल व सब्जियां लेकर मण्ड़ी से निकल रहे थे, उन्हे मौके पर ही खाली करवाकर कम्पोस्टेबल कैरीबैग में डलवाया गया। ग्राहकों को समझाया गया कि वे इसी तरह के कैरीबैग में ही सामान लें या अपने घर से जूट अथवा कपड़े का थैला लेकर आएं। पर्यावरणीय सुधार के लिए दुकानदार और ग्राहक सभी का सहयोग जरूरी है। इस कार्यवाही में दुकानदार व रेहड़ी वालो से हानिकारक पोलीथिन कैरीबैग भी जब्त किए गए।
डीएमसी के अनुसार कम्पोस्टेबल पोलीथिन बायोडीग्रेडेबल अर्थात गलनशील है और यह सीवर लाईनो में जाने के बाद भी कुछ ही दिनो में स्वत: ही गल जाता है यानि सीवर को अवरूद्घ नही करता। सोमवार को ही डीएमसी ने विकास सदन में सभी सफाई ठेकेदारों के साथ एक बैठक कर उन्हें गीले और सूखे कचरे को लेकर शत प्रतिशत सैग्रीगेशन सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए और कहा कि वे अपने-अपने सफाई जोन में एम.आर.एफ. यानि मैटीरियल रिक्लेमेशन फैसीलिटी के तहत सूखा कचरा एकत्र करके उसमें से कम्पोस्ट योग्य कचरे को सोलिड वेस्ट प्लांट में पहुंचाए। कांच, बोतल, गत्ता, कागज जैसे पदार्थों को अलग-अलग कर उसका उपयुक्त डिस्पोजल करवाएं।
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