Breaking News
Home / Events / गाथा कृष्ण से कुरुक्षेत्र तक ने बटौरी वाहवाही, तालियों से गूंजा सभागार

गाथा कृष्ण से कुरुक्षेत्र तक ने बटौरी वाहवाही, तालियों से गूंजा सभागार

मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर द्वारा आयोजित की गई अभिरुचि कक्षाओं का भव्य समापन हुआ, जिसमें अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने कला को बढ़ावा देते हुए सभी को रोमांचित कर दिया। इस अवसर पर कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक तेजेंद्र शर्मा मुख्यअतिथि के रुप में पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलित कर की गई। कार्यक्रम से पूर्व मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर अम्बाला मण्डल के क्षेत्रीय निदेशक नागेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। नागेंद्र शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि हरियाणा कला परिषद् मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर अपने नाम को सार्थक करते हुए प्रदेश में सांस्कृतिक बयार लाने में मुख्य भूमिका निभा रहा है। मैक में लगने वाली अभिरुचि कक्षाओं के माध्यम से बहुत से कलाकारों ने कला को ही अपनी आजीविका का साधन चुना है। उन्होंने पूरा वर्ष अभिरुचि कक्षाएं लगाने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन विकास शर्मा द्वारा किया गया। अभिरुचि कक्षाओं में अभिनय, नृत्य, गायन, गिटार व चित्रकला का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने अलग-अलग प्रस्तुतियों से सभी का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रम का आगाज अभिनय कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा तैयार नृत्य नाटिका कृष्ण से कुरुक्षेत्र तक से हुआ। विकास शर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने भगवान कृष्ण के जन्म से लेकर गीता उपदेश तक के वृतांत को अभिनय और संगीत के माध्यम बखूबी प्रस्तुत किया। कृष्ण लीलाओं को देखकर सभागार में दर्शक तालियों से कलाकारों की सराहना कर रहे थे। इसके बाद संगीत कक्षा के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना तथा गीत विधाता तू है हमारा प्रस्तुत किया। वहीं गिटार कक्षा के प्रतिभागियों द्वारा प्रशिक्षक संजय कपूर द्वारा तैयार करवाई गई प्रस्तुति दिल से रे तथा मेरी मां का सुदंर प्रस्तुतिकरण हुआ। निशा द्वारा तैयार हरियाणवी नृत्य छोरा मैं हरियाणे का में नन्हें कलाकारों ने ने भरपूर तालियां बटौरी। एक के बाद एक दमदार प्रस्तुति ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। हरिमोहन द्वारा तैयार भजनों के द्वारा प्रतिभागियों ने अपनी गायकी का परिचय दिया। वहीं मनीष डोगरा द्वारा तैयार नाटक अनुष्ठान में मध्यप्रदेश की भील जाति की परम्पराओं को अभिनय के माध्यम से दिखाया। नाटक का प्रस्तुतिकरण इतना दमदार रहा कि लोग देर तक तालियों से कलाकारों का हौसला बढ़ाते रहे। कार्यक्रम की खास बात यह थी कि 7 साल से 70 साल के प्रतिभागियों द्वारा उम्दा प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भूमि तथा पंखुड़ी ने नृत्य की एकल प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का मनोंरजन किया। राजकुमारी द्वारा गाई गई हरियाणवी रागनी को भी उपस्थिति ने खूब सराहा। हरियाणवी नृत्य कक्षा की महिला कलाकारों द्वारा तैयार नृत्य मन्नै बुलावे याद तेरी ने भी हरियाणा की झलक दिखाते हुए दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में खूब तालियां बटौरी। अलग.अलग विधाओं की प्रस्तुतियों के संगम में मौला मेरे लेले मेरी जान गीत का भी समावेश रहा। कार्यक्रम उपरांत मुख्यअतिथि तेजेंद्र शर्मा ने सभी को सम्बोंधित करते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, ऐसे में बाल, युवा तथा वरिष्ठ कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम ने कला को बढ़ावा देने में अपना विशेष येागदान दिया है। उन्होंने सभी अभिभावकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि अभिभावकों के प्रयास से ही बच्चे कला के प्रति अपनी रुचि बना पाते हैं। कार्यक्रम उपरांत सभी प्रतिभागियों व प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मैक की ललित कला समन्वयक सीमा काम्बोज, कार्यालय प्रमुख धर्मपाल आदि भी उपस्थित रहे।

About postnow

Check Also

श्रीमद्भागवत कथा में सुनाया भक्त धु्रव प्रसंग 

कुरुक्षेत्र, 28 जनवरी। सैक्टर-3 शिव मंदिर में भागवत प्रेमियों द्वारा संगीतमयी श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *