कुरुक्षेत्र 13 मार्च श्री जयराम विद्यापीठ में 7 दिन से चल रहे नियमित गायत्री पुरश्चरण अनुष्ठान यज्ञ एवं पूजन का पूर्ण विधिविधान के साथ समापन हुआ। गायत्री पुरश्चरण अनुष्ठान के 7वें दिन दैवीय सिद्ध मंत्रों के साथ माँ गायत्री से साधना सिद्ध शक्तियों और मनोकामना पूर्ति की आराधना की गई। इस मौके पर गायत्री अनुष्ठान के यजमान उद्योगपति गिरधर गोपाल डालमिया, ने निर्विघ्न अनुष्ठान के समापन पर आवाहित देवी देवताओं का आभार व्यक्त करते हुए गुरु पूजन किया गया। वेदों के ज्ञाता आचार्य प्रदीप थपलियाल सहित 108 विद्वान ब्राह्मणों ने यज्ञ पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान समापन के उपरांत मंत्रोच्चारण के साथ कन्या पूजन एवं संत महापुरुषों के साथ गुरु पूजन करवाया। इस मौके पर यजमान परिवार द्वारा गऊ दान किया गया। सात दिन तक चले अनुष्ठान में 108 ब्राह्मणों द्वारा 24 लाख गायत्री मंत्रों के जाप के साथ यज्ञ में 2 लाख 40 हजार आहुतियां डाली गई। अनुष्ठान के समापन पर 108 ब्राह्मणों एवं चार वेदाचार्यों का यजमान परिवार के सदस्यों ने पूजन एवं दक्षिणा के साथ आभार व्यक्त किया गया। ब्रह्मचारी ने कहाकि गायत्री उपासना, अनुष्ठान एवं यज्ञ का अवसर सौभाग्यशाली लोगों को प्राप्त होता है। गायत्री उपासना एवं अनुष्ठान का पुण्य लाभ पूर्ण विधिविधान और आस्था से ही श्रद्धा रखने वाले साधक प्राप्त करते हैं। गायत्री कृपा से किसी भी भौतिक या आध्यात्मिक कार्य में जुटा जाये तो जीवन यात्रा बड़ी सरल हो जाती है। दीनता, रोग, शोक, विरोध, आक्रमण, आपत्तियाँ और भय इत्यादि के निवारण के लिये गायत्री अनुष्ठान करना चाहिए।
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