कैथल, 16 अप्रैल: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी द्वारा घग्गर नदी में गांवों के गंदे पानी को गिरने से रोकने हेतू किए जाने वाले प्रबंधों के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त श्री आरके सिंह ने कहा कि घग्गर नदी में जा रहे गांवों व शहरी क्षेत्रों के गंदे पानी को रोकने के लिए स्थाई समाधान किए जाएं ताकि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के घग्गर नदी में गंदा पानी न डालने के निर्देशों की अनुपालना हो सके।
श्री आरके सिंह लघु सचिवालय स्थित सभागार में पंचायती राज विभाग, सिंचाई विभाग तथा संबंधित गांवों के सरपंचों के साथ घग्गर नदी में पड़ने वाले गंदे पानी को रोकने बारे किए जाने वाले समाधानों के संदर्भ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैथल व गुहला के उपमंडलाधीश इन प्रबंधों की नियमित रूप से निगरानी करें। इस संदर्भ में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा स्वयं संज्ञान लेते हुए घग्गर नदी में डाले जा रहे गंदे पानी को रोकने के लिए स्थाई समाधान करने हेतू निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रबंधों में थ्री पोंड या फाईव पोंड सिस्टम के अलावा सिंचेवाला मॉडल की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। सिंचेवाला मॉडल पंजाब में गंदे पानी को साफ करने के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है। उन्होंने संबंधित गांवों के सरपंचों को कहा कि वे भी अपने गांवों के गंदे पानी को घग्गर नदी में गिरने से रोकने हेतू किए जाने वाले प्रबंधों में जिला प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल ने थ्री व फाईव पोंड सिस्टम के अलावा सिंचेवाला मॉडल के बारे में जानकारी दी। इन प्रणालियों के माध्यम से गांव को गंदे पानी को साफ करके सिंचाई के योग्य बनाया जाता है।
इस अवसर पर उपमंडलाधीश संजय कुमार एवं ईशा कम्बोज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर खुंडिया, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता आरके गोयल, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रशांत कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रोजी, राजकुमार चांदना सहित अन्य संबंधित अधिकारी व संबंधित गांवों के सरपंच मौजूद रहे।
Post Now India Post Now India