करनाल 14 मई: जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सीजेएम एवं सचिव हितेश गर्ग ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से चार रेप पीडि़त बालिकाओं को 19 लाख रुपये मुआवजा के रूप में दिए गए जिसमें से दो केसों में पीडि़तों के खाते में सीधे तौर पर 8 लाख रुपये तथा अन्य दो केसों में 11 लाख रुपये फिकस्ड डिपोजिट के रूप में दिए गए।
सीजेएम हितेश गर्ग ने बताया कि इसमें से एक मामला गैंग रेप से संबंधित था जिसमें 5 लाख रुपये पीडि़ता को मुआवजा के रूप में दिए गए। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हरियाणा पीडि़त मुआवजा स्कीम के तहत रेप पीडि़त महिलाओं एवं बच्चियों को मुआवजा राशि प्रदान करती है लेकिन कुछ तय सीमाओं के तहत ही ये राशि दी जाती है, जैसे कि पीडि़त के परिवार की वार्षिक आय साढ़े चार लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पीडि़ता 48 घंटे के अंदर अपनी रिपोर्ट दर्ज कराये तथा पीडि़त या दावेदार केन्द्र सरकार, राज्य सरकार, बोर्ड या निगम का कर्मचारी नहीं होना चाहिए।
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