कुरूक्षेत्र 16 दिसम्बर – धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में जयराम विद्यापीठ ने गीता जयंती आयोजन का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी वजह से कुरुक्षेत्र को एक नई पहचान मिली है। यह विचार त्रिपुरा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने गीता जंयती के अवसर पर जयराम विद्यापीठ में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में व्यक्त किये। राज्यपाल ने सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने से पूर्व विद्यापीठ में श्री रामेश्वर महादेव मंदिर में विश्व के दुर्लभ स्फटिक मणि शिवलिंग पर पूजा अर्चना की। इस मौके पर जयराम संस्थाओं के परमाध्यक्ष ने मुख्यातिथि स्वागत किया। इस मौके पर गीता जयंती महोत्सव के नोडल अधिकारी डा. अमित अग्रवाल, विख्यात कथा वाचक पुण्डरीक गोस्वामी, मौजूद थे। इस मौके पर राज्यपाल ने विद्यापीठ में सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित 28 जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि जयराम संस्थान समाज उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने सम्बोधन में कहा कि वह लगातार हरियाणा का राज्यपाल रहते हुए पिछले चार वर्षों से गरीब परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हो रहे हैं और उन्हें अब पाँचवीं बार सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने का अवसर मिला है। राज्यपाल ने कहाकि उन्हें इस बार भी यहां आकर आनंद की अनुभूति हो रही है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को परमकल्याणकारी बताते हुए कहाकि अन्य देशों के लोग भी इसका अनुसरण करते हैं।
राज्यपाल ने दिल्ली के सारा देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के राम लाल गोयल और उनके परिवार के सदस्यों की सराहना करते हुए कहाकि यह परिवार पिछले 28 सालों से विद्यापीठ में गरीब परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह करवा रहा है। इसी मौके पर ओ पी जिंदल जनकल्याण संस्थान के प्रतिनिधि को भी सम्मान दिया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले करीब डेढ़ दशक से कुरुक्षेत्र, कैथल तथा यमुनानगर के ग्रामीण क्षेत्रों में ओ पी जिंदल जनकल्याण संस्थान लोगों की सेवा में जुटा है। इस संस्थान के कार्यकर्ताओं ने लाखों ग्रामीणों निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं ही उपलब्ध नहीं करवाई बल्कि एक लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को निशुल्क शौचालय भी बनवाकर दिए।
श्री जयराम विद्यापीठ में गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह के अवसर पर विख्यात साहित्यकार महेन्द्र प्रताप चांद को डा. शांति स्वरूप अवार्ड से त्रिपुरा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी द्वारा सम्मानित किया गया। साहित्यकार महेन्द्र प्रताप चांद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में सेवारत रहने के उपरांत ब्रिटेन, अमेरिका तथा पाकिस्तान में भी कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं।
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