करनाल 5 जुलाई: जोहड़ या तालाब जो कुछ समय पहले गंदगी का पर्याय बन चुके थे, अब नव स्वरूप में आएंगे। इसके लिए हरियाणा एकमात्र ऐसा प्रदेश है, जिसने तालाबों को सुधार कर उनमें जमा पानी के पुन: प्रयोग की सोची और तालाब व अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण का गठन किया, जो पिछले कई महीनो से अपने मकसद की ओर अग्रसर है। शुक्रवार को प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रभाकर वर्मा ने करनाल आकर विकास सदन के सभागार में प्राधिकरण से जुड़े सिंचाई व पंचायती राज जैसे महकमो के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हे दिशा-निर्देश देकर कहा कि वे अपने-अपने जिलो में मौजूद तालाबों के सुधारीकरण के लिए एक्शन प्लान बनाकर उसका डाटा 25 जुलाई तक प्राधिकरण को प्रेषित करें, ताकि उसे केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास भेजा जा सके। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य सचिव सूजना राम व गैर सरकारी सदस्य तेजिन्द्र सिंह तेजी भी थे।
प्रभाकर वर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को बताया कि हरियाणा में सितम्बर 2018 में प्राधिकरण के गठन के बाद प्रदेश सरकार ने इस विषय को गम्भीरता से लेकर इस पर काम शुरू किया। दूसरी ओर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी तालाबों को सुधार कर उन्हे मानकों तक लाएं, ताकि उनमें एकत्र पानी को सिंचाई के लिए प्रयोग किया जा सके। इससे स्वच्छ पेयजल के दोहन पर अंकुश लगेगा और ऐसा करके पेयजल के बचे भंडार को अगली पीढ़ी तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 16 हजार 352 ग्रामीण क्षेत्रो में तथा 278 तालाब शहरी क्षेत्र में मौजूद हैं। प्राधिकरण की ओर से इन पर पंचवर्षीय एक्शन प्लान के तहत काम किया जाना है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है कि अब तक तालाबों की सूची और उनका वर्गीकरण जैसे काम पूरे कर लिए गए हैं, यानि प्रदेश में बेकार पानी से भरे तालाब, पशुओं के लिए उपलब्ध तालाब तथा शुष्क तालाब मौजूद हैं, जिन्हे दुरूस्त कर अप टू दी स्टैण्डर्ड करना है। उन्होंने बताया कि जहां तक फंडिंग की बात है, नाबार्ड ने प्रदेश सरकार को 5 हजार करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध करवाने की बात कही है। यह पैसा मिलते ही तालाबों के सुधारीकरण के काम में ओर तेजी आएगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से प्रपोज़ल मांगी और कहा कि वे अलग-अलग कम्पोनेंट्स को लेकर अपना एक्शन प्लान बनाएं। वेस्ट वाटर के तालाबों की संख्या ज्यादा है, एक्शन प्लान में इनको प्राथमिकता दें।
बता दें कि आज की बैठक में करनाल मण्डल के पानीपत, कैथल व करनाल जिला के सिंचाई विभाग के जिला तालाब विकास प्रबंधन अधिकारी तथा पंचायती राज विभाग के अधीक्षण अभियंता व कार्यकारी अभियंता उपस्थित रहे।
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