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डा. भीमराव अम्बेडकर ने स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे का दिया संदेश: अतिरिक्त उपायुक्त

कैथल, 15 अप्रैल: संविधान निर्माता डा. भीमराव अम्बेडकर की 128वीं जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन एवं अनुसूचित जातियां तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त श्री आर.के. सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की तथा बाबा साहेब के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पांजलि अर्पित की।

अतिरिक्त उपायुक्त ने अपने संबोधन में डा. भीमराव अम्बेडकर के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब केवल दलितों के ही नहीं, बल्कि समाज के सभी पीडि़त वर्गों के उत्थान को समर्पित थे। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष रूप से कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब हिन्दू बिल तैयार हो रहा था तो डा. अम्बेडकर ने महिलाओं के सामाजिक सुधार की आवाज बुलंद की थी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब एक महान विभूति थे, जिनका कहना था कि हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय हैं। उन्होंने स्कूल के प्राचार्य का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को भारत के संविधान के संदर्भ में जागरूक करने के उद्देश्य से लाईबे्ररी में संविधान की पुस्तक के माध्यम से उन्हें जागरूक अवश्य करें ताकि बच्चे जान सकें कि भारतीय नियम और कानून तथा हमारे मौलिक अधिकारों का उल्लेख संविधान की किताब से ही आता है। बाबा साहेब ने कहा था कि जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता हासिल नहीं कर लेते, कानून आपको जो आजादी देता है, उसके कोई मायने नहीं है। उनका अपना जीवन दर्शन था, अपने विचार थे जिसमें वो उल्लेख करते थे कि मैं ऐसे धर्म को मानता हूं जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाए। उन्होंने शिक्षित बनने, संगठित रहने और संघर्ष करने का भी संदेश दिया। मरणोपरांत भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और सफलता की एक ऐसी अदभूत मिसाल है जो शायद ही कहीं और देखने को मिले। उन्होंने विद्यार्थियों से बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के जीवन, उनके लेखन और साहित्य को जानने के साथ-साथ उनके बारे में सभी पहलूओं से अध्ययन करने का भी आह्वान किया। उन्होंने पढ़ना, लिखना और उच्चारण करने की कला के साथ-साथ सीखने की लालसा को भी जिंदा रखने के टिप्पस दिए। अतिरिक्त उपायुक्त ने छात्राओं से अपने अभिभावकों तक संदेश पहुंचाने का भी आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता से लोकतंत्र के महापर्व में आगामी 12 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में बढ़चढ़ कर मतदान करने के लिए कहें।

जिला शिक्षा अधिकारी जोगिन्द्र हुड्डा ने कहा कि डा. भीमराव अम्बेडकर ने जो विचार समस्त मानव जाति के लिए पे्रषित किए, उसे अपनाकर हम एक नए समाज की परिकल्पना को साकार करने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा था कि बुद्घि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया वे इन महान विभूतियों के विचारों से प्रभावित अपने लक्ष्य को तय करें और उसे हासिल करने में जी जान से जुटे।

जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी ने कहा कि बाबा साहेब की जयंती मनाकर अपने आपकों गौरवान्वित महसूस करते हैं, जिन्होंने भाईचारा और सदभाव सहित समानता का संदेश समाज को दिया और संविधान के माध्यम से सभी वर्गों को उनके अधिकारों से जोड़ा। इस अवसर पर डा. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए स्कूली छात्राओं ने भी अपने भाव व्यक्त किए। इन छात्राओं में कुमारी खुशी, सोनी, निधि, कोमल, तमन्ना शामिल थी, जिनको उनके वक्तव्यों के लिए अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी जोगिन्द्र हुड्डा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही, जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी,स्कूल प्रधानाचार्य पवन कुमार सहित रामेश्वर दास, कृष्ण कुमार तथा कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

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