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पात्र नागरिक 12 अप्रैल तक बनवाए अपना वोट, वोट बनवा कर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें: उपायुक्त विनय प्रताप सिंह

करनाल 15 मार्च, करनाल के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि एक जनवरी को 18 वर्ष या इससे अधिक आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों ने अगर अभी तक उन्होंने अपना वोट नहीं बनवाया है तो वह जल्द से जल्द अपना वोट बनवा कर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, इसके लिए पात्र आवेदक अपना आवेदन 12 अप्रैल तक दे सकता है। पात्र नागरिकों के लिए वोट बनवाना बहुत ही आसान है। वें ऑनलाइन या ऑफलाइन के माध्यम से फार्म-6 भर कर वोट बनवा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 12 अप्रैल के बाद यदि फॉर्म-6 भरा जाता है तो उस पर विचार चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने उपरांत किया जाएगा, इसलिए समय रहते अपना वोट अवश्य बनवा लें। आयोग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर-1950 की व्यवस्था भी की गई है, जिस पर मतदाता कॉल करके मतदाता सूची में दर्ज अपने नाम की जानकारी, फॉर्म का स्टेटस, पोलिंग स्टेशन विधानसभा, निर्वाचन क्षेत्र, बीएलओ, जिला निर्वाचन अधिकारी इत्यादि की जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को वोटर कार्ड बनवाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष सुविधा दी है जो विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने के लिए होस्टल, लॉज या किराए पर रहते हैं और उनके पास आवास संबंधी कोई प्रमाण नहीं है वें केवल अपने शिक्षण संस्थान के मुखिया के सत्यापन से ही वोट बनवा सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि इस बार सर्विस वोटर जैसे सैनिक और अर्धसैनिक बल के लिए बहुत सुविधा दी गई है। पहले सर्विस वोटर के पास बैलेट पोस्ट के माध्यम से भेजा जाता था तो कईं बार वह समय पर नहीं पहुंच पाता था या सर्विस वोटर की पोस्टिंग बदल जाती थी इसलिए इस बार बैलेट ऑनलाइन के माध्यम से उनके वर्तमान पोस्टिंग स्टेशनों पर पहुंच जाएंगे। बैलेट ऑनलाइन पहुंचने से सर्विस वोटर भी अपने मत का उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि बैलेट वापस स्पीड पोस्ट के माध्यम से आएगा, जिसकी पूरी तरह से ट्रैकिंग की जाएगी और स्पीड पोस्ट का खर्च निर्वाचन विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी उम्मीदवार या राजनैतिक पार्टियों द्वारा विज्ञापन सामग्री प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में छपवाने या प्रसारण के लिए दी जाएगी तो पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी एमसीएमसी से सर्टिफिकेट प्राप्त करना होगा। इसके साथ ही बल्क एसएमएस भेजने के लिए भी एमसीएमसी सर्टिफिकेट लेना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस बार उम्मीदवार को नामांकन पत्र में अपने सोशल मीडिया अकाउंट की भी जानकारी देनी होगी, जिससे सोशल मीडिया पर आयोग की नजर रहेगी उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी किसी प्रकार के विज्ञापन को जारी करने के लिए एमसीएमसी का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। आयोग द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइट के प्रतिनिधियों के साथ बात की जा चुकी है कि वह एमसीएमसी सर्टिफिकेट के बिना किसी प्रकार की सूचना या विज्ञापन को अपनी सोशल मीडिया वेबसाइट पर जारी ना करें।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने सीविजिल ऑनलाइन एप्लीकेशन की भी शुरुआत की है, इस नवीनतम मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से नागरिक चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता और व्यय उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकते हैं। नागरिक गूगल प्ले स्टोर से इस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर सकते हैं, नागरिक फोटो खींच सकता है, 2 मिनट की वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है या फोटो, वीडियो भौगोलिक सूचना प्रणाली द्वारा मैपिंग की गई स्वचालित जीपीएस लोकेशन के साथ अपलोड हो जाएगी। शिकायत दर्ज करने के बाद 20 मिनट के भीतर ही संबंधित टीम लोकेशन पर पहुंच जाएगी और 100 मिनट के भीतर शिकायत का समाधान हो जाएगा। अगर शिकायतकर्ता यह चाहता है कि उसकी पहचान सुरक्षित रहे तो आयोग द्वारा उसकी पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।

करनाल के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि पहली बार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिव्यांग मतदाताओं को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने हेतु पीडब्ल्यूडी मोबाइल एप लांच की है। जिले में अब तक इस एप पर 3900 दिव्यांग मतदाताओं का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से दिव्यांग मतदाताओं को मतदान देने वाले दिन घर से मतदान केंद्र तक वाहन उपलब्ध करवाने की सुविधा, रैम्प की सुविधा, पानी की सुविधा, लाइट की सुविधा, व्हील चेयर की सुविधा और ब्रेल बैलेट पेपर, बे्रल वोटर स्लिप की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पीडब्ल्यूडी एप को एंड्रॉयड मोबाइल पर प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले 2 महीने से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए नागरिकों को उनके नाम, नए पंजीकरण, ब्यौरे में बदलाव और मतदाता पहचान पत्र में सुधार के लिए मतदाता सत्यापन और सूचना कार्यक्रम वीवीआइपी चलाया जा रहा है।

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