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प्रकृति की अनमोल नेमत जल पुर्वजो से मिला है उधार, अगली पीढ़ी को पडेगा सौंपना- तेजिन्द्र सिंह तेजी

करनाल 2 अगस्त, जल शक्ति अभियान को लेकर जिला में गुरूवार से स्वच्छता व जल शक्ति पखवाड़े की शुरूआत हो गई है, जो 15 अगस्त तक रहेगा। शहर के रेलवे रोड़ स्थित राजकीय महिला कॉलेज में इस विषय को लेकर एक कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें हरियाणा तालाब एवं अपशिष्टï जल प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य तेजिन्द्र सिंह तेजी ने बतौर मुख्यतिथि विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए जल संरक्षण विषय को गम्भीर एवं समय की जरूरत बताया और कहा कि यदि हम आज जल बचाने के बारे में नहीं सोचेंगे, तो भविष्य में हमें पछताना पड़ेगा। वैसे भी प्रकृति की अनमोल नेमत जल हमने पूर्वजों से उधार में लिया है, जो हमें अगली पीढ़ी को सौंपना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र व्यापी जल शक्ति अभियान के तहत हरियाणा जैसे समृद्घ लेकिन भूमिगत जल का अत्याधिक दोहन करने वाले प्रदेश में अब जल संरक्षण के प्रयास जोर-शोर से चल रहे हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। इन्ही प्रयासों के चलते करनाल को अभियान के पहले चरण की प्रतिस्पर्धा में राष्ट्रीय स्तर पर 13वां स्थान हासिल हुआ है और प्रदेश में पहला स्थान है। यह हम सबके लिए बड़े गर्व की बात है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नए भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, वे स्वयं भी और अपने परिवेश में रहने वाले लोगों को भी जल संरक्षण के बारे में जागरूक करें। आज से शुरू हुए पखवाड़े में जल संरक्षण को लेकर रचानात्मक योगदान दें और वर्षा को आकर्षित करने के लिए वन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसके लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उन्होंने महिला कॉलेज की प्राचार्या और स्टाफ की यह कहकर प्रशंसा की कि उन्होंने कॉलेज परिसर में दो रेन वाटर हार्वेस्टर बनवाकर दूसरी शिक्षण संस्थाओं के लिए अनुकरणीय कार्य किया है। उनकी इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। तेजिन्द्र सिंह तेजी ने इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों व प्राद्यापकों को जल संचय शपथ भी दिलाई।
कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनुराधा पुनिया ने इस अवसर पर कार्यशाला में आए अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद किया तथा विद्यार्थियों से अपील की कि वे जल संरक्षण के लिए रचनात्मक कार्य करें।
कार्यशाला में शहर के नितिन ललित अल्फाप्लांटर ने पानी की बचत करने वाले गमले और उनमे लगाए गए पौधो का डैमो दिया तथा प्राचार्या को इस विधि से तैयार एक पोट भी भेंट किया। इस अवसर पर वरिष्ठ एसोसिएट प्रोफेसर सुरेश कुमार तथा विदुषा सहित अन्य प्रोफेसर भी उपस्थित थे।

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