इस्माईलाबाद 2 जुलाई: हरियाणा शुगर फैड के चेयरमैन हरपाल सिंह चीका ने कहा कि अब समय आ गया है जब पीने के पानी को बचाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक के नागरिक को अपने दायित्व का निर्वाह करना होगा। इतना ही नहीं पानी की एक-एक बूंद को बचाने का संकल्प लेना होगा। अगर अब भी नागरिक जागरूक नहीं हुए तो आने वाले कुछ ही वर्षो में लोग पीने के पानी को तरस जाएंगे। इन तमाम पहलुओं को जहन में रखते हुए और भविष्य की चिंता करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पानी को बचाने का प्रण लिया और किसानों को फसल विविधिकरण के तहत मक्का और अरहर की फसलें लगाने के लिए भी जागरूक किया।
वे सोमवार को देर रात्रि इस्माईलाबाद के गांव नैसी के राजकीय स्कूल में जिला प्रशासन द्वारा लगाएं गए खुले दरबार में बोल रहे थे। इससे पहले चेयरमैन हरपाल सिंह चीका, उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता, एसडीएम निर्मल नागर ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाएं गए स्टालों का अवलोकन किया और लोगों से सीधा संवाद कर खुले दरबार को लेकर फीडबैक रिपोर्ट भी हासिल की है। इस दौरान पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, डीआरडीए विभाग, अक्षय उर्जा, मत्सय पालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। इतना ही नहीं उपायुक्त ने सैंकडों लोगों की विभिन्न विभागों से सम्बन्धित समस्याओं को सुना और इनमें से अधिकत्तर का मौके पर ही समाधान किया और कुछ शिकायतों का समाधान करने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए है। चेयरमैन ने कहा कि कि हरियाणा के मुख्यमंत्री देश के पहले मुख्यमंत्री है जिन्होंने पानी बचाने की मुहिम शुरू की है। पानी व पेड पौधों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री की पहल पर अब किसानों को मक्का, मूंग, दलहन आदि के बीज नि:शुल्क दिए जा रहे है। इन फसलों को बहुत कम पानी की खपत होती है।
उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने कहा कि जीरी की फसल लगाने मात्र पर 15 हजार रुपए से ज्यादा खर्च आता है। जबकि मक्का की फसल लगाने पर ना केवल बीज नि:शुल्क मिल रहा है, आमदनी मामलें में भी मक्का की फसल जीरी के बराबर ही बिकेगी इससे किसानों को लाभ तो होगा ही बल्कि प्रति एकड हजारों लीटर पानी की भी बचत होगी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि फसलों के अवशेष ना जलाकर अपने-अपने गांवों में कस्टम हायर सैंटर स्थापित करें। इस पर प्रदेश सरकार 90प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक की सबसीडी दे रही है। कस्टम हायर सैंटर से गेंहु व जीरी के फसलों के अवशेष मिट्टïी में मिलाने से कुछ दिन बाद खाद का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आवास योजना के तहत ऑन लाईन सर्वे का कार्य पूरा हो गया है, इससे गरीब लोगों को जल्द ही मकान मिलने शुरू हो जाएंगे। जिला में सभी आंगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती व छोटे बच्चों को पूरक पोषक आहार दिया जा रहा है। सुरक्षित प्रशव के लिए प्रत्येक महिला को 5 हजार रुपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप एवं खुराक के लिए, जबकि लडकी की शादी पर 51 हजार रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। आंगनवाडी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने ग्राम पंचायत से कहा कि कूडा कर्कट निपटान के लिए जमीन प्रदान करें। डीआरडीए द्वारा इस पर शैड बनाकर दिया जाएगा। इस शैड में गांव से एकत्रित हुए कूडा कर्कट का समूचित निपटान किया जाएगा और इससे जैविक खाद तैयार कर किसानों को बेची जाएगी। घर-घर जाकर एक व्यक्ति कूडा उठाकर शैड में लेकर आएगा जिसका समूचित निपटान होगा। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन बीपीडब्लयू कृष्ण कुमार ने किया। एसडीएम निर्मल नागर ने मेहमानों का स्वागत करते हुए खुले दरबार पर विस्तृत प्रकाश डाला। सरपंच रिया शर्मा, समाज सेवी विरेन्द्र कुमार ने लोगों का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के अंत में ग्राम पंचायत की तरफ से सभी अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर डीआरओ डा.चांदी राम चौधरी, डीएसपी अनिल कुमार, बीडीपीओ दीनानाथ शर्मा, डीडीए डा. प्रदीप मिल, बलवान सिंह गोलन, डा. चंद्र प्रकाश, डा. राजेश कुमार, जिला मत्सय अधिकारी ईश्वर सिंह, डा. भूपेन्द्र कंसल, डा. मदन सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनदीप सिंह विर्क सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।
150 लोगों के स्वास्थ्य का किया चैकअप
नैसी खुले दरबार में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और इस शिविर में 150 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर नि:शुल्क दवाईयां वितरित की गई। इसके अलावा आयुष विभाग के चिकित्सा शिविर में 54 और होमोपैथी चिकित्सा शिविर में 70लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाईयां दी गई।
90 पशुओं के लिए किसानों को दी दवाईयां
खुले दरबार में पशुपालन विभाग में लगाएं गए शिविर में 90 पशुओं के लिए किसानों को दवाईयां दी गई और पशुओं को बीमारी से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया गया।
70 लोगों ने लर्निंग लाईसेस और 35 लोगों ने अटल सेवा केन्द्र पर किया आन लाईन आवेदन
खुले दरबार में अस्थाई अटल सेवा केन्द्र की स्थापना की गई और इस सेवा केन्द्र में 35 लोगों ने विभिन्न योजनाओं के तहत आन लाईन आवेदन किया और इस खुले दरबार में 70 लोगों ने लर्निंग ड्राईविंग लाईसेंस भी बनवाएं। इसके अलावा 10 लोगों ने बुढापा पैंशन के लिए भी आवेदन किया।
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