कैथल, 31 मई: उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्षा डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि बच्चे ग्रीष्म कालीन अवकाश का सदुपयोग अपनी अभिरूचियों को विकसित करने में करें। भविष्य में सृजनात्मकता किसी भी देख के विकास के लिए सबसे बड़ा साधन साबित होगा तथा सृजनात्मकता केवल मानव मस्तिष्क में है। अभिरूचि हमारे व्यक्तित्व की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बाल भवन परिसर में ऐसे आयोजनों हेतू हॉल का निर्माण करवाया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहत्तर सुविधा मिल सके।
उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी स्थानीय बाल भवन परिसर में जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित की जाने वाली अभिरूचि कक्षाओं के शुभारंभ के उपरांत उपस्थितगण को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा एक माह की अभिरूचि कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें नृत्य, गायन, योगा सिलाई, फाईन आर्ट इत्यादि अभिरूचियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राजकीय विद्यालयों में भी अभिरूचि कक्षाएं शुरू की जा रही हैं ताकि बच्चों में अभिरूचियों का विकास किया जा सके और व ग्रीष्म कालीन अवकाश के समय का सदुपयोग कर सकें।
डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि आज इस कार्यक्रम से उन्हें अपने बचपन की यादें ताजा हो गई हैं। उन्होंने अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि उन दिनों बच्चे ग्रीष्म कालीन अवकाश का इंतजार करते थे तथा वे स्वयं इस अवकाश के दौरान अपने नाना-नानी के घर जाकर वहां स्थित पार्क में झूलों का आनंद उठाती थी। उन्होंने कहा कि उनकी माता ने उन्हें रद्दी सामान से खिलौने आदि बनाने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने एक सॉफ्ट टॉय बनाया था, जिससे आज उनका बेटा खेल रहा है। अभिरूचि कक्षाओं से बच्चों में आत्मविश्वास पैदा होता है। बच्चे अभिरूचि को व्यवसाय के रूप में चुन कर अपना नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने अभिरूचि कक्षाओं के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
जिला बाल कल्याण अधिकारी बलबीर चौहान ने कार्यक्रम की मुख्यातिथि उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी तथा अन्य उपस्थित गण का स्वागत करते हुए कहा कि परिषद द्वारा डे-केयर सैंटर, ऑपन बाल आश्रय गृह, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, केश एवं त्वजा सज्जा प्रशिक्षण केंद्र, सिलाई-कटाई प्रशिक्षण केंद्र, विभिन्न दिवसों का आयोजन आदि का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें जाट शाईनिंग स्टार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा समूह गान, दिल्ली पब्लिक स्कूल की छात्रा आरजू, जाखौली अड्डïा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय की छात्रा आशा एवं ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा रिधिमा द्वारा शानदार एक नृत्य प्रस्तुत किए गए।
इस अवर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, परिषद के आजीवन सदस्यों ने कर्मचंद जिन्दल, रमेश, पवन कुमार, राम सिंह, लाजपत सिंगला, ज्ञानचंद भल्ला, जिला बाल कल्याण अधिकारी कार्यालय का स्टाफ तथा प्रतिभागी विद्यालयों के टीम प्रभारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
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