कुरुक्षेत्र 21 दिसम्बर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2018 में ब्रहमसरोवर के पावन तट पर लाखों पर्यटक और श्रृद्घालु लोक नृत्यों का लुफ्त उठा रहे है। इन लोक नृत्यों और शिल्पकला को देखकर हर कोई पर्यटक खींचा चला आ रहा है। इन पर्यटकों को देखकर कलाकारों और शिल्पकारों के चेहरों पर रौनक और खुशी साफ देखी जा रही है और पर्यटक जमकर खरीददारी भी कर रहे है।
शुक्रवार को भी लाखों पर्यटकों ने ब्रहमसरोवर पर अपनी दस्तक दी और सुबह से लेकर सायं तक पर्यटक खिली धूप में खरीददारी के साथ-साथ विभिन्न प्रदेशों के व्यंजनों का स्वाद भी चखते रहे। इस महोत्सव की रौनक को चार चांद लगाने का काम उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र पटियाला की तरफ से जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, उतर प्रदेश, राजस्थान, छतीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों के कलाकार ब्रहमसरोवर के घाटो पर अपने-अपने प्रदेशों की लोक कलाकार कर रहे है। इन कलाकारों के हौसले रोजाना पर्यटकों की भीड़ को देखकर बुलंद हो जाते है, जब कलाकार को तालियां और दर्शक मिलते है तो उनका उत्साह और अधिक बढ़ जाता है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव सरस मेले के 15वें दिन भी लाखों पर्यटक ब्रहमसरोवर के तट पर पहुंचे और इन पर्यटकों ने जमकर खरीददारी की है। यह सरस और क्राफ्ट मेला 23 दिसम्बर तक चलेगा तथा छुट्टïी होने के कारण 2 दिनों में लाखों और श्रृद्घालु पहुंचने की सम्भावना है। इस महोत्सव ने हरियाणा ही नहीं पूरे भारत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
उदघोषक संजीव साद ने बांधा पर्यटकों को अपने मोहपास में
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को एक सूत्र में पिरोने वाले एनजेडसीसी के उदघोषक संजीव साद ने दर्शकों को अपनी कला के माध्यम से दर्शकों को मोहपास में बांधने का काम किया है। डबवाली संजीव साद खेत खलिहान और घर आंगन की बात करते है तो दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते है, वर्ष 2007 से एनजेडसीसी के साथ जुड़े होने के कारण संजीव साद अपनी आवाज से कला और संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे है।
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