कुरुक्षेत्र, 14 अप्रैल। भगवान राम का जीवन आदर्श परिवार की
प्रेरणा देता है। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि जीवन में आनंद कैसे
प्राप्त किया जा सकता है। भगवान राम एक आदर्श के प्रतीक हैं। यह विचार
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी ने रामनवमी के अवसर पर पिहोवा रोड स्थित
रामकिशन मैहता के होटल के उद्घाटन अवसर पर श्री कृष्ण कृपा परिवार द्वारा
आयोजित सत्संग में बोलते हुए व्यक्त किए। स्वामी ज्ञानानंद जी ने रामकिशन
मैहता परिवार को आशीर्वाद स्वरूप स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
स्वामी ज्ञानानंद जी ने कहा कि भगवान राम सबके प्रेरणा स्रोत हैं। जीवन
में आनंद कैसे प्राप्त किया जा सकता है। इसकी प्रेरणा भगवान राम से मिलती
है। परिवार के सदस्यों का एक दूसरे के प्रति क्या दायित्व है, यह प्रेरणा
भी भगवान राम के चरित्र से मिलता है। नवरात्रों का उल्लेख करते हुए
उन्होंने कहा कि नवरात्रे मांगलिक दिन होते हैं और मनुष्य की प्रेरणा का
उत्सव हैं। नवरात्रे अच्छाई पर बुराई की विजय का प्रतीक हैं। नवरात्रों
के दिनों में व्यक्ति हर प्रकार की बुराई छोडऩे का संकल्प लेता है। इससे
पता चलता है कि भारतीय संस्कृति में दिनों का क्या महत्व है। स्वामी जी
ने उपस्थित श्रद्धालुओं को रामनवमी और वैशाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा
कि बैसाखी का त्यौहार आपसी भाईचारे का पर्व है।
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