Breaking News
Home / Uncategorized / भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है सतचित और आनंदस्वरूप: अनिल शास्त्री

भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप है सतचित और आनंदस्वरूप: अनिल शास्त्री

कुरुक्षेत्र, 22 अगस्त गो-गीता-गायत्री सत्संग सेवा समिति द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में सेक्टर 5 के शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने भागवत जी का महत्व सुना। मुख्य यजमान धीरज अरोड़ा आदि श्रद्धालुओं ने भागवत पूजन करके कथावाचक अनिल शास्त्री को तिलक लगाया। प्रवचनों में अनिल शास्त्री ने कहा कि अच्छे-बुरे कर्मों का फल अवश्य ही भोगना पड़ता है। व्यक्ति कितना भी महान क्यो न हो, बुरे कर्मों का परिणाम तो भोगना ही पड़ेगा। इसलिए अच्छे कर्मों को कभी न छोड़ें, चाहे इसके लिए कितनी ही परेशानियों का सामना क्यो न करना पड़ा। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत मानवता का संदेश देती है। भगवान श्रीकृष्ण सतचित आनंद स्वरूप हैं। दैहिक-दैविक-भौतिक तापों को समाप्त करने वाले हैं। भगवान श्रीकृष्ण ही विश्व की उत्पत्ति के मूल कारण हैं। उनके मुस्कान से सृष्टि का सृजन होता है, गंभीर होने पर सृष्टि का पालन और भृकुटी मात्र टेढ़ी करने से ही सृष्टि का संहार हो जाता है। भागवत कथा के बीच-बीच में सुनाए गए भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे।

About postnow

Check Also

सरकार ने किसानों के लिए खोला क्षतिपूर्ति पोर्टल:नेहा सिंह

कुरुक्षेत्र । उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों के लिए राजस्व विभाग …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *