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मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिला में मत्स्य पालन गतिविधियों हेतू अनुसूचित जाति के परिवारों को विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी

कैथल, 11 जून: उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग द्वारा जिला में मत्स्य पालन गतिविधियों हेतू अनुसूचित जाति कल्याण योजना के तहत वर्ष 2019-20 के दौरान अनुसूचित जाति के परिवारों को विभिन्न मदों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना के तहत मछली पालन हेतू पट्टïे पर ग्रामीण तालाब, मछली पकडऩे, जाल खरीदने, तालाब सुधार आदि पर अनुदान राशि प्रदान की जाती है।

उपायुक्त ने बताया कि ग्रामीण तालाबों को मछली पालन हेतू पट्टïे पर लेने के लिए वित्तीय सहायता के तहत प्रथम वर्ष पट्टïा राशि 50 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अथवा वास्तविक राशि का 50 प्रतिशत में से जो कम हो तथा इसकी अधिकतम सीमा 2 लाख रुपये है। अधिसूचित पानी में मछली पकडऩे के ठेके पर अनुदान के तहत स्वीकृत कुल बोली का 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 4 लाख रुपये है। विभाग द्वारा स्थापित मछली मंडियों में दुकान तथा निजी दुकान किराये पर लेने हेतू वित्तीय अनुदान के तहत मछली की थोक बिक्री के लिए दुकान किराये पर लेनी होगी। वास्तविक किराये के 50 प्रतिशत दर से, जिसकी अधिकतम सीमा 5 हजार रुपये प्रति माह प्रति लाभार्थी तथा मछली की परचून बिक्री के लिए अधिकतम सीमा 3 हजार रुपये प्रति माह प्रति लाभार्थी अथवा जो भी कम होगा। मत्स्य पालकों को जाल खरीदने पर प्रति लाभार्थी 15 हजार रुपये के जाल खरीद पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि खाद खुराक पर वित्तीय सहायता के तहत 60 प्रतिशत की दर से 90 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 1 लाख 80 हजार रुपये है। योजना के तहत 30 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति से संबंधित आबादी वाली ग्राम पंचायतों को तालाब सुधार पर वित्तीय सहायता के अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा पंचायती भूमि पर बने तालाब के सुधार कार्य पर 2 लाख रुपये प्रति हैक्टेयर खर्च होगा, जिसे शत प्रतिशत विभाग द्वारा खर्च किया जाएगा। मत्स्य पालकों लघु एवं मध्य साईज की रंगीन मछलियों की बैकयार्ड हैचरी की स्थापना करने पर अनुदान के तहत लघु साईज की रंगीन मछली की हैचरी इकाई की स्थापना करने पर 50 प्रतिशत की दर से 12 हजार 500 रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान प्रदान किया जाएगा। मध्य साईज की इकाई की स्थापना पर 50 प्रतिशत की दर से एक लाख रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण भत्ता के तहत 10 दिन के प्रशिक्षण हेतू 100 रुपये प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता व अधिकतम 100 रुपये प्रति व्यक्ति आने-जाने का किराया दिया जाएगा।
इस संदर्भ में जिला मत्स्य अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला में इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति के परिवारों को दिया जाएगा, जिसके लिए यह अनिवार्य है कि इसके लिए प्रार्थी जिला कैथल या तालाब कैथल का होना चाहिए। प्रार्थी की आयु 18 से 60 वर्ष होनी चाहिए। तहसीलदार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र सहित सरल पोर्टल के माध्यम से ही प्रार्थना पत्र स्वीकार किए जाएंगे व प्रार्थियों का चयन पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।

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