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संचार कुशलता की असफलता शिक्षक और शिक्षण प्रणाली दोनो के लिए बड़ी समस्या है: डॉ. तरूणा

कुरुक्षेत्र, 09 अगस्त। शुक्रवार को फैक्लटी डेवलोपमैंट सेन्टर द्वारा आयोजित 30 दिवसीय इन्डक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम के अन्तर्गत प्रात: कालीन सत्र में डॉ. तरूणा डुल ने ‘डायलॉग एण्ड इफैक्टिव पैडागोजिक कम्युनिकेशन‘ विषय पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट संवाद और प्रभावी शैक्षिक संचार कुशलता की गुणवता को महत्वपूर्ण बताया। संचार कुशलता की असफलता शिक्षक और शिक्षण प्रणाली दोनो के लिए बड़ी समस्या है। इसमेें स्पष्टता का होना अति आवश्यक है। प्रभावी शिक्षक बनने के लिए संचार कौशल बेहतर होना जरूरी है। शिक्षकों को अच्छा शिक्षक बनने के लिए अपने संचार कौशल को निरंतर पालिश करना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को संचार कौशल में निपुण बनने के लिए कुछ टिप्स भी दिए।

अन्तिम सत्र में डॉ. जसप्रीत कौर ने ‘लाईफ स्किल एजुकेशन‘ विषय पर चर्चा की। जीवन कौशल-आधारित शिक्षा शिक्षा का एक रूप है, जो शिक्षक जीवन कौशल जैसे आत्म-प्रतिबिंब, महत्वपूर्ण समस्या का समाधान करने तथा पारस्परिक कौशल पर केन्द्रित हैं। शिक्षक का उददेश्य विद्यार्थियों को उनकी पूर्ण व्यक्तिगत क्षमताओं तक पहुंचाने में उनकी सहायता करना है। जीवन संबधी चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करना है जिससे वे अपने जीवन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त कर सके।

इस अवसर पर इस कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. नीरा वर्मा, डॉ. तरूणा ढल, डॉ. अशोक कुमार व डॉ. जसप्रीत कौर उपस्थित रहे। अनेक महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों से आए हुए शिक्षक प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढक़र अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

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