करनाल 08 जुलाई, संगठन मंत्री सेवा भारती हरियाणा जितेन्द्र कुमार ने कहा कि यदि देश में सकरात्मक पत्रकारिता को बढ़ावा मिले तो समाज में सुधार आ सकता है। लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ मीडिया का समाज को किसी भी मुद्दे पर जागरूक करने का अहम योगदान है।
संगठन मंत्री सोमवार को ज्ञान रेजीडेंसी होटल में विश्व संवाद केन्द्र हरियाणा द्वारा महर्षि नारद मुनि जयंती के अवसर पर आयोजित पत्रकार सम्मान दिवस समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित करे तथा दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम की शुरूआत की। उन्होंने कहा समाज में पत्रकारिता का अहम योगदान है। जब भी देश में बदलाव हुआ उसमें पत्रकारिता का विशेष योगदान रहा। हजारों वर्ष पहले महर्षि नारद मुनि जी को उस समय का पत्रकार मानते थे और उन्होंने अपनी साफ छवि से पत्रकारिता की अर्थात संदेश को समाज के दूसरे व्यक्ति तक भेजा। परन्तु आज की पत्रकारिता काफी गंभीर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि महर्षि नारद ने जो जैसा है उसको समाज के सामने रखने का काम किया, देव ऋषि नारद जी निडर थे। उन्होंने समाज के सामने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। नारद जी भी आज के पत्रकारों की तरह निरंतर गतिमान रहते थे।
उन्होंने कहा सोशल मीडिया ने पत्रकारिता को प्रभावित किया है। इसके बावजुद भी समाज में प्रिंट मीडिया का अपना महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत देश एक ऐसा देश है जिसके लोगों के व्यवहार की अमेरिका जैसा देश भी प्रशंसा करता है। व्यवहार के कारण ही मनुष्य का सम्मान होता है। बड़े-बड़े देश भारत के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं, इसके लिए उन्होंने शोधकर्ताओं को भी जिम्मेदारी दी है। उन्होंने सभी मीडिया कर्मियों से अहवान किया कि वें भी महर्षि नारद मुनि जी के मार्ग का अनुसरण करते हुए समाज को नई दिशा देने के लिए स्वच्छ व राष्ट्र हित की पत्रकारिता को बढ़ावा दें और समाज को बदलने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें ।
विश्व संवाद केन्द्र की ओर से कुलदीप बांगड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रजातंत्र की परिकल्पना में समाचार पत्रों का अहम योगदान है। हजारों साल गुलामी के बाद भारत वर्ष में वैचारिक बदलाव आया है। इस बदलाव पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा, इसके लिए पत्रकारिता एक माध्यम है। बिना पत्रकारिता के समाज में सत्य, शिवम, सुन्दरम की कल्पना साकार नहीं हो सकती, इसके लिए 1992 में विश्व संवाद केन्द्र की नींव रखी, इस केन्द्र का एक ही उद्ेदश्य है कि किस प्रकार देश से पाश्चात्य संस्कृति से लोगों का मोह भंग किया जाए तथा समता मूल्क समाज का निर्माण किया जाए। उन्होंने कहा कि 5वां राज्य स्तरीय महर्षि नारद सम्मान दिवस कार्यक्रम 21 जुलाई को गुरुग्राम में आयोजित किया जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार इंद्रजीत वर्मा, सुरेन्द्र जैन, विकास सुखीजा ने भी नारद जयंती पर बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज को आईना दिखाने का काम करता है। बिना मीडिया के समाज अधुरा माना जाता है। मीडिया समाज के साथ सीधा संवाद करता है। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में मीडिया से जुड़े लोगों को अपने दायित्व को निभाना चाहिए, गरीब व अमीर के लिए पत्रकारिता के मायने बराबर हैं। यदि गरीब की आवाज कलम के माध्यम से उठाई जाए तो गरीब को उसका हक मिल सकता है। सही मायने में पत्रकारिता का कत्र्तव्य भी निभाया जा सकता है।
इस मौके पर विश्व संवाद केन्द्र के राकेश धीमान ने आए हुए सभी अतिथियों व पत्रकारों का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अमिता सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्व संवाद केन्द्र की ओर से कपिल अत्रेजा, समाज सेवी आकाश भट्ट, ललित आहूजा, मोनिक कुमार, रविन्द्र गौरसी व रामफल सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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