करनाल 15 सितम्बर, सिविल सर्जन डा. रमेश कुमार ने रविवार को स्थानीय रामनगर डिस्पेंसरी सेवा समिति द्वारा चलाए गए सब-नेशनल पल्स पोलियो प्रोग्राम अभियान का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. रमेश कुमार ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में जनवरी 2010 से कोई पोलियो केस नही हुआ है और भारतवर्ष में जनवरी 2011 से पोलियो का कोई केस नही मिला है। इसलिए 11 फरवरी, 2014 को भारत को पोलियो मुक्त देश घोषित कर दिया गया है। अत: अब हमने अपने पोलियो निगरानी सिस्टम को और अधिक मजबूत बनाया है ताकि किसी अन्य देश से कोई भी पोलियो केस भारत में न आ सके। उन्होंने बताया कि हरियाणा प्रदेश के 13 जिलो मे 15 सितम्बर से 17 सितम्बर तक सब-नेंशनल पल्स पोलियो अभियान चलाया जा रहा है। अब की बार जिले के हाई रिस्क एरिया जैसा कि भट्टे, डेरे, फैक्ट्रिरियां, राईस मिल्स, सल्म एरिया, नोमेडस (झुग्गी झोपड़ी) में रह रहे बच्चों को पोलियो की बून्दे पिलाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है, क्योंकि ऐसी जगह पर माईग्रेटरी पोपुलेशन होती है जहां पर पोलियो फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। वर्ष 2010 में हरियाणा का तथा वर्ष 2011 में भारत वर्ष का आखिरी पोलियो केस भी माईग्रेटरी पापुलेशन का ही था।
उन्होंने बताया कि करनाल जिला में 0 से 5 साल तक के 2,01,873 बच्चों को दवाई पिलाने के लिए 844 बूथ और 1495 हाऊस-टू-हाऊस टीमें बनाई गई है। जिनकी निगरानी 151 सुपरवाईजर द्वारा की जाएगी। करनाल जिले में कुल 72 मोबाईल टीमों जिसमे 54 ट्रांजिट टीम तथा कुल 3396 कर्मचारी व अधिकारी इस कार्य में भाग लेंगे। इसके लिए सारी तैयारियां हो चुकी है। सभी रेलवे स्टेशनों व बस स्टैंड पर पोलियो बूथ बनाए गए हंै ताकि बाहर से आने वाले बच्चों को भी पोलियो की बूंदे पिलाई जा सके और हरियाणा को पोलियों मुक्त बरकरार रखा जा सकें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के डा0 नीलम वर्मा उप सिविल सर्जन (प्रतिरक्षण), डा0 सरोज उप सिविल सर्जन (एन.एच.एम.), डा0 राजेन्द्र कुमार उप सिविल सर्जन (एफ. डब्ल्यु.), अन्य अधिकारी व कर्मचारी और रोटरी क्लब करनाल से डा0 एस. के. अत्रेजा (प्रेसिंडैट), आई. एन. जगीया (सैक्रेट्री), सुभाष नारंग (प्रोजक्ट डायरैक्टर), गौरव तुल्ली (कैशियर), बी.आर. सेठ, के. के. पुरी, नूतन नारंग, संदीप गोयल, सुधीर रस्तोगी, मनोज अरोड़ा मौजूद थे।
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