कैथल, 26 जून: पुलिस उपाधीक्षक श्री कुलवंत सिंह ने विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं का आह्वïान किया कि वे समाज में फैले विभिन्न प्रकार के नशों को जड़मूल समाप्त करने के लिए इसे जन अभियान बनाएं। समाज के हर व्यक्ति के सहयोग से ही नशाखोरी पर अंकुश लगाकर सभ्य समाज का निर्माण किया जा सकता है। नशा हमारे युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है।
श्री कुलवंत सिंह स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में नशाखोरी एवं अवैध तस्करी रोधी अंतर्राष्टï्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में समाज में अनेक प्रकार के नशों का प्रचलन बढा है। विशेषकर युवा वर्ग नशों की गिरफ्त में आकर अपने भविष्य को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण समाज के सहयोग से ही नशे पर रोक संभव है। शुरू में युवा अपने मित्रों के साथ नशा करते हैं, जो बाद में नशे की लत में बदल जाता है। युवा नशे की लत में फंसने से अपराध की दुनिया में भी फंसते चले जाते हैं। माता-पिता के साथ-साथ समाज के हर जागरूक व्यक्ति का यह दायित्व बनता है कि वे युवाओं की गतिविधियों पर नजर रखें तथा उनकी संगत के बारे में भी जानकारी हासिल करें ताकि उन्हें नशे जैसी बुराई से दूर रखा जा सके और उनका भविष्य उज्ज्वल हो सके।
पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि पुलिस द्वारा नशे के विरुद्घ विशेष कदम उठाए गए हैं तथा नशा करने वालों एवं नशे की अवैध तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा गत एक जनवरी 2019 से 23 जून 2019 तक मादक पदार्थ अधिनियम के तहत 79 मामले दर्ज किए गए हैं तथा 95 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इसी दौरान 20 किलो 382 ग्राम 770 मिलीग्राम अफीम, 3 किलो 300 ग्राम अफीम की फसल, 16 किलो 495 ग्राम चूरापोस्त, 3 किलो 357 ग्राम चरस, 78 किलो 175 ग्राम डोडा, 12 किलो 410 ग्राम गांजा, 820 ग्राम 295 मिलीग्राम समैक तथा 33 ग्राम 240 मिलीग्राम हेरोईन बरामद की गई है।
उप जिला न्यायवादी जयभगवान गोयल ने कहा कि सभ्यता के विकास के साथ ही नशे का प्रचलन शुरू हुआ। इसकी रोकथाम के लिए अनेक कानून बनाए गए हैं। सन 1985 में मादक पदार्थ रोकथाम अधिनियम बनाया गया, जिसके तहत नशाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नशे की लत को त्यागने के लिए दृढ इच्छा शक्ति की जरूरत है। यदि व्यक्ति अपने मन में नशा छोडऩे के लिए दृढ संकल्प कर लेता है, तो वह इस बुरी लत से आजाद हो सकता है। इसी कड़ी में ढांड के एसएचओ शिव कुमार, राजौंद के एसएचओ बीरभान तथा अन्य पुलिस अधिकारियों अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को नशाखोरी के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए तथा लोगों को हर प्रकार के नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. डीसी ठुकराल, जिला कारागार के सहायक उप निरीक्षक विपिन कुमार, मनोरोग विभाग की काउंसलर, खंड शिक्षा अधिकारी रतिराम शर्मा, बलबीर बालू, नायब सिंह वाल्मीकि, कैलाश चंद क्योडक़, टेकराम वर्मा, प्रमोद आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पुलिस पीआरओ रोशन लाल, साईकिल क्लब, सीनियर सिटिजन, जीवन रक्षक दल व अन्य समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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