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हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी ने बुधवार को पिहोवा के डेरा फतेह सिंह गुमथला गढु गांव में काडा द्वारा स्थापित सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं धान प्रायोगिक प्लांट का निरीक्षण किया

पिहोवा , (कुरुक्षेत्र)4 सितम्बर: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन डीएस ढेसी ने बुधवार को पिहोवा के डेरा फतेह सिंह गुमथला गढु गांव में काडा द्वारा स्थापित सूक्ष्म सिंचाई परियोजना एवं धान प्रायोगिक प्लांट का निरीक्षण किया। चेयरमैन का गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीति के अनुसार और प्रदेश सरकार के कार्यक्रम अनुसार गांव गुमथला गढु में 9 एकड़ कृषि भूमि में सूक्ष्म सिंचाई विधियां अपनाकर विभिन्न बिजाई विधियों द्वारा धान का उत्पादन बढ़ाने में व लगभग 50 प्रतिशत पानी की बचत करने में सफलता प्राप्त की है।

एचईआरसी के चेयरमैन डीएस ढेसी ने कहा कि सौर उर्जा प्रणाली से सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के अंतर्गत प्लांट लगाया गया है, इसके द्वारा किसान को बिजली खर्च में काफी राहत मिली है। अब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना से जहां पानी की बचत होती है, वहीं किसान के खेत में पैदावार भी अधिक होती है। इसके साथ-साथ किसान के समय व धन की बचत होती है। उन्होंने कहा कि कम्पनी द्वारा स्थापित 14 प्रोजैक्टों में से यह भी एक पायलट प्रोजैक्ट है, जिसके अंदर सौर उर्जा का प्रयोग करके किसान के खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंचाई की जाती है, जिसमें किसान को समय, धन एवं उत्पादन में काफी लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि यदि आंकड़ों का आंकलन किया जाए तो किसान को बिजली का खर्च बिल्कूल नहीं उठाना पड़ता है, क्योंकि किसान द्वारा जो बिजली प्रयोग की जाती है, उससे अधिक बिजली, बिजली विभाग को सौर उर्जा सिस्टम के माध्यम से दी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन प्लांट में धान की बिजाई, सीधी बिजाई द्वारा, मशीन द्वारा व परम्परागत तरीके से की गई है तथा सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई विधियों जैसे स्प्रिक्लर विधि, ड्रिप विधि व खुला पानी तुलनात्मक दृष्टिï से अपनाई गई है। यह सारा सिस्टम सौलर पावर प्रोजैक्ट पर आधारित है। उन्होंने सौलर पावर प्रोजैक्ट के लिए जमीन देने के लिए कर्णजीत सिंह च_ïा की तारीफ की है। पहले वर्ष 2018 में धान का उत्पादन लगभग 2.5 क्विंटल बढ़ा है एवं पानी की बचत लगभग 50 प्रतिशत हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने यह प्रायोगिक प्लांट जारी रखने की मंजूरी दी है। इस पायलट प्रोजैक्ट की सफलता के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से पूरे हरियाणा में कुल 14 प्रोजैक्ट स्थापित किए गए है और इन प्रोजैैक्ट पर सरकार ने करीब 30 करोड़ रुपए की राशि खर्च की है तथा पिहोवा के इस प्रोजैक्ट पर करीब 75 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है।
चेयरमैन ढेसी ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को सौलर पम्प स्थापित करने हेतू 60 प्रतिशत सबसीडी देती है और कृषि व बागवानी विभाग किसानों द्वारा ड्रिप व स्प्रिंक्लर लगाने हेतू 85 प्रतिशत सबसीडी दे रहा है। चेयरमैन ने निरीक्षण के दौरान प्रोजैक्ट की बारीकियों को ध्यान से देखा और अधिकारियों को प्रोजैक्ट से सम्बन्धित जरुरी निर्देश भी दिए। इस मौके पर काडा हरियाणा के प्रशासक जगदीप डांढा (एचसीएस),एचईआरसी के डायरेक्टर टेक्निकल विरेन्द्र सिंह, काडा के मुख्य अभियंता राकेश चौहान, , काडा कुरुक्षेत्र के कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा, किसान महेन्द्र सिंह चीमा, हरपिन्द्र सिंह, इंद्र सिंह, साहब सिंह, हरप्रीत सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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