करनाल 18 जून: उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने बताया कि कन्या भू्रण हत्या को समाप्त करना, शिशू लिंग अनुपात को बढ़ाना तथा बालिकाओं को शिक्षा के उचित अवसर प्रदान करने के उदेश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना जिले में कारगर सिद्घ हो रही है। इस योजना के तहत जिले में 3700 आनलाईन आवेदन करने वाले लाभार्थियों को 7 करोड़ 77 लाख रुपए प्रदान किए गए है। इस योजना के तहत 3700 ऑनलाईन फार्म प्राप्त हुए है, जिसमें से 3660 पर काम पूरा हो चुका है तथा 40 पर कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि आपकी बेटी-हमारी बेटी योजना प्रदेश में ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में 22 जनवरी 2015 से लागू हुई थी, इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी बेटी के नाम 21 हजार रुपए की राशि भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से निवेश की जाती है। परिपक्व राशि लाभार्थी बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर दी जाएगी, जो कि इस समय की ब्याज दरों के हिसाब से उस समय लगभग 1 लाख रुपए हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति व गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों में जन्मी पहली बालिका तथा अन्य परिवारों में जन्मी दूसरी या जुड़वा तथा अधिक बालिकाए जो कि 22 जनवरी 2015 के बाद पैदा हुई है इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने की पात्र होंगी। इसके अतिरिक्त 24 अगस्त 2015 के पश्चात सभी परिवारों में जन्मी तीसरी बेटी भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों में 22 जनवरी 2015 व उसके बाद जन्मी पहली बेटी के जन्म पर यह 21 हजार रुप की राशि एकमुश्त प्रदान की जाती है। इसके साथ अन्य परिवारों में 22 जनवरी 2015 के बाद जन्मी दूसरी बेटी के जन्म पर भी 21 हजार रुपए की राशि एकमुश्त प्रदान की जाती है। परिवार में 22 जनवरी 2015 या उसके पश्चात जन्मी जुड़वां बेटियों को प्रति बेटी 21 हजार रुपए राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2015 या उसके पश्चात सभी परिवारों में जन्मी तीसरी बेटी भी इस योजना का लाभ प्राप्त करने की हकदार होगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बेटी के माता-पिता अथवा एक सदस्य हरियाणा राज्य का स्थाई निवासी होना चाहिए तथा सभी कन्याओं का जन्म पंजीकरण होना जरुरी है। बेटी का आधार कार्ड भी मान्य है तथा लाभार्थी को आंगनवाड़ी केन्द्र में उनकी आयु अनुसार पंजीकरण करवाना होगा।
उन्होंने बताया कि परिपक्व राशि प्राप्त करने के लिए 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए और बेटी अविवाहित होनी चाहिए। इसके लिए पात्र बेटी अपने माता-पिता व सरंक्षक के साथ निर्धारति आवेदन पत्र पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के पास आवेदन करेगी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी पात्रता सुनिश्चित करने के बाद सम्बन्धित मामले को भारतीय जीवन बीमा निगम को अदायगी हेतू प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म से एक साल तक फार्म ऑनलाईन अंतोदय सरल पोर्टल पर भरा जाना है। फार्म देरी से भरे जाने पर लाभार्थी को लाभ नहीं दिया जाएगा।
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