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14 प्रदेशों के लोक कलाकारों ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

कुरुक्षेत्र, 14 दिसंबर   अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा 14 प्रदेशों के लोक कलाकारों ने अपने-अपने राज्यों की संस्कृति से ओत-प्रोत कार्यक्रम पेश कर पर्यटकों को लोक कला के रंग में रंग दिया। शुक्रवार को पुरूषोत्तमपुरा बाग के मंच पर 11 राज्यों के लगभग 300लोक कलाकारों ने कार्यक्रम पेश कर पर्यटकों की खूब तालियां बटोरी।

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पुरूषोत्तमपुरा बाग में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सबसे पहले मध्य प्रदेश के कलाकारों ने उनके राज्य में चैत्र मास में शिव-पार्वती की स्तुति के लिए किया जाने वाला प्रसिद्ध लोक नृत्य गणघोर की प्रस्तुति देकर पर्यटकों में भक्ति भाव का संचार किया। यह नृत्य होली के 10 दिन बाद दैविक अनुष्ठान के अवसर पर किया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अगली प्रस्तुति गुजरात के लोक कलाकारों ने डांडिया रास के माध्यम से दी। भगवान कृष्ण की कर्मभूमि गुजरात से आए कलाकारों ने कृष्ण रास की प्रस्तुति इस नृत्य के माध्यम से दी।

प्रसिद्घ गायक हेमंत बृजवासी का कार्यक्रम आज मुख्य पांडाल में

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में 17 दिसम्बर को सुबह 10 बजे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय सैमिनार का समापन, सुबह 11 बजे पुरुषोतमपुरा बाग में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालयों के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती, दोपहर 2 बजे गीता स्थली कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम,  5 बजकर 30 मिनट पर ब्रहमसरोवर पर लाईट एंड साउंड शो, सायं 6 बजे पुरुषोतमपुरा बाग में महाआरती और सायं 7 बजे मेला ग्राउंड के पांडाल में डा. किरण सिंह, आताशी मिश्रा की प्रस्तुती के साथ-साथ प्रसिद्घ गायक हेमंत बृजवासी और उनके ग्रुप के कलाकारों द्वारा प्रस्तुती दी जाएगी।

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