कुरुक्षेत्र 21 जुलाई: कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2018 को 18 दिसम्बर के दिन वैश्विक गीता पाठ में 18 हजार बच्चों द्वारा पवित्र गं्रथ गीता के 18 अध्यायों के 18 श्लौंको का एक साथ पाठ करने पर विश्व रिकार्ड के रुप में दर्ज किया गया है। इस वैश्विक गीता पाठ के विश्व रिकार्ड बनने का प्रमाण पत्र यूनाईटेड किंगडम (यूके) की वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड संस्था ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंपा है। इस संस्था ने 18 दिसम्बर 2018 को कुरुक्षेत्र के थीम पार्क में दोपहर 12 बजे से लेकर 12 बजकर 6 मिनट तक एक साथ श्लौकाच्चारण करने की वीडियो रिकार्डिंग और तमाम दस्तावेजों को देखकर विश्व रिकार्ड के रुप में दर्ज किया है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही कुरुक्षेत्र को विश्व के मानचित्र पर पर्यटन के रुप में विकसित करने के लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 48 कोस कुरुक्षेत्राडाटकाम वेबसाईट और 48 कोस मोबाईल एप का भी शुभारम्भ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ब्रहमसरोवर पर होनी वाली महाआरती को और भव्य बनाने तथा आमजन को आरती के साथ जोडऩे के लिए एक नई योजना की भी शुरुआत की है। इस योजना का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दान स्वरुप 5100 रुपए की पर्ची कटवाकर महाआरती के लिए पहले यज्ञमान भी बने।
रविवार को चंडीगढ़ मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के सभागार में यूके की वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड संस्था की तरफ से संजय अदासपुरकर, रविकांत शर्मा, निलेश सौलंकी व संदीप कुमार ने वल्र्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, थानेसर विधायक सुभाष सुधा, उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संयम गर्ग को यह प्रमाण पत्र सौंपकर केडीबी और हरियाणा प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि की शुभकामनाएं भी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 18 हजार बच्चों के वैश्विक गीता पाठ का विश्व रिकार्ड बनने पर केडीबी, वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूके और प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के वैश्विक गीता पाठ का विश्व रिकार्ड बनना एक गर्व का विषय है। इस उपलब्धि से अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के साथ-साथ कुरुक्षेत्र और हरियाणा को और अधिक ख्याती मिलेगी और विश्व रिकार्ड बनने का संदेश पूरी दुनिया में पहुंचेंगा। इस विश्व रिकार्ड बनने के पीछे विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों के योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र के गीता जयंती समारोह को भव्य बनाने का प्रस्ताव 3 वर्ष पूर्व गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने रखा था, इस प्रस्ताव को राज्य सरकार ने गम्भीरता से लिया और इस समारोह की महता को देखते हुए अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर मनाने का निर्णय लिया। अब यह महोत्सव अंतर्राष्टï्रीय महोत्सव के रुप में मनाया जा रहा है। इस महोत्सव का आयोजन फरवरी 2019 में मॉरिशीस में किया गया और अब इस महोत्सव का आयोजन से 9 अगस्त से 11 अगस्त तक यूके में किया जा रहा है। इस महोत्सव को कनाडा में मनाने के लिए सरकार के प्रस्ताव आया है अगर कनाडा में रहने वाले भारतीय और वहां के लोग अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव का आयोजन करेंगे तो इस आयोजन में राज्य सरकार की तरफ से हर सम्भव सहयोग दिया जाएगा। थानेसर विधायक सुभाष सुधा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2018 में लाखों लोगों ने शिरकता की थी और हर वर्ष पर्यटकों और श्रृद्घालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, जिससे कुरुक्षेत्र पर्यटन के हब के रुप में विकसित हो रहा है।
वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूके संस्था (डब्लयूबीआर)के प्रतिनिधि रविकांत ने वल्र्ड बुक ऑफ रिकार्ड यूके पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि डब्लयूबीआर का अंतर्राष्टï्रीय पर विश्व रिकार्ड बनने पर प्रमाण पत्र देने की एक अग्रणी संस्था है। यह संस्था यूके, यूएसए, आस्ट्रेलिया, मॉरिशिस और भारत में काम कर रही है। यह संस्था 3 प्रकार के कार्यो में विश्वस्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले को प्रमाण पत्र देती है, जिसमें मानवता और विश्व शांति के लिए बेहतरीन योगदान देने वाली संस्था, व्यक्तिगत रुप से काम करने वाले महान लोगों व वल्र्ड रिकार्ड के जरिए टैलेंट हासिल करने वाले लोग शामिल है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव पर 18 हजार बच्चों द्वारा 18 श्लौकों का एक साथ 6 मिनट तक उच्चारण करने पर विश्व रिकार्ड के रुप में दर्ज किया गया है। इसके लिए इंगलैंड के एमपी विरेन्द्रा शर्मा, डब्लयूबीआर के चेयरमैन डा. दिवाकर शुक्ला व अध्यक्ष संतोष शुक्ला द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंपा है।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने मेहमानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उपायुक्त डा. एसएस फुलिया, सीईओ केडीबी संयम गर्ग, जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री के साथ-साथ शिक्षकों, विद्यार्थियों और प्रदेश वासियों के सहयोग से यह उपलब्धि हासिल हुई है। इस कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डब्लयूबीआर के प्रतिनिधियों को कॉफीटेबल बुक और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी अरुण आश्री और वैश्विक गीता पाठ के संयोजक आरएसएस के विभाग सह कार्यवाहा डा. प्रीतम सिंह को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर केडीबी के सदस्य उपेन्द्र सिंघल, विजय नरुला, सारांश बंसल, भारत सैनी, आर्यन शांडिल्य, विवेक अरोड़ा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
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