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9 एकड़ गेहूं की फसल में गुमथला गढु में होगा नया प्रयोग

कुरुक्षेत्र, 19 दिसम्बर विश्वस्तरीय सिंचाई एवं जल निकास आयोग के निदेशक डा. सहदेव सिंह ने कहा कि गांव गुमथला गढु में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर आधारित गेहूं की फसल में ड्रिप एवं फव्वारा सें सिंचाई की जाएगी और जीरो टीलेज व हैप्पी सीडर्स का बिजाई के लिए प्रयोग किया गया है। यह प्रयोग 9 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। अहम पहलु यह है कि जनवरी माह में मिश्र और टयूनेशिया के कृषि विशेषज्ञ सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत गेंहू बिजाई परियोजना का अवलोकन करेंगे।
वे गांव गुमथला गढु में काडा द्वारा स्थापित सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के तहत 9 एकड़ में की गई गेहूं की बिजाई का निरीक्षण करने के उपरांत किसानों और अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। इससे पहले निदेशक डा. सहदेव सिंह, कार्यकारी निदेशक डा. हरीश वर्मा, काडा के कार्यकारी अभियंता नीरज शर्मा ने सूक्ष्म सिंचाई पर आधारित ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई द्वारा उगाई गई गेंहू की फसल का बारीकि से अवलोकन किया। इस दौरान एक्सईन नीरज शर्मा ने आयोग के पदाधिकारियों को गेंहू के प्रदर्शन प्लांट की विस्तृत जानकारी दी है। एक्सईन नीरज शर्मा ने कहा कि इस सीजन में 3 एकड़ भूमि पर छिंटा विधि, 3 एकड़ में जीरो टिलेज और 3 एकड़ में हैप्पी सीडर्स विधि को अपनाया गया है। इन तीनों विधियों में टपका, फव्वारा व फ्लड विधि से अलग-अलग सिंचाई की जा रही है। पिछले तीन साल से काडा इस पलंाट पर ड्रिप एवं स्प्रिंक्लर सिंचाई  से धान और गेहंू की फसल उगा रहा है ताकि धान में ड्रिप द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक और स्प्रिंक्लर द्वारा लगभग 42 प्रतिशत पानी की बचत की है। इन विधियों को अपनाने से धान के उतपादन में भी वृद्धि हुई है। काडा भविष्य में भी इस प्रायोगिक प्लांट को तीन साल तक जारी रखने का प्रयत्न कर रहा है ताकि परिणामों के अनुसार किसानों को  होने वाले लाभ से अवगत करवाया जा सके।
जल समिति के प्रधान कर्णजीत सिंह चटठा एवं अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों न ेआयोग के सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सिंचाई प्रणाली किसानों के लिए बहुत उपयोगी है और सरकार इस प्रणाली में आने वाली कुछ रूकावटें जैस जीएसअी को समाप्त करना एवं अनुदान राशि को बढ़ाना इत्यादि का हल करके किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि किसानों द्वारा समय की जरूरत के अनुसार सूक्ष्म सिंचाई योजना अपनाकर ज्यादा से ज्यादा पानी बचाना चाहिए और अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करना चाहिए। आयोग के सदस्यों ने पूरी गम्भीरता के साथ पूरी परियोजना एवं सिंचाई प्रणाली का अवलोकन किया और काडा हरियाणा द्वारा किए जा रहे प्रयायों की भरपूर सरहाना की और किसानों को इस प्रणाली को अपनाने बारे प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर डा. एके भारद्वाज, कृषि विशेषज्ञ  नाथूराम, उपअधीक्षक काडा एसएन सिंह व रविन्द्र सिंह, जैन इरीगेशन सिस्टम तथा किसान अरपिन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह दलीप सिंह, इन्द्र सिंह, साहब सिंह, समनदीप विशेषतौर पर उपस्थित थे।

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