कुरुक्षेत्र 19 दिसंबर किसी भी शिल्पकार के लिए एक मंजिल एक हासिल करने के साथ-साथ राष्ट्रीय अवार्ड मिलना एक सपने जैसा होता है। इस सपने को साकार करने के लिए शिल्पकार दिन-रात मेहनत भी करता है और मुकाम हासिल करने के बाद खुश भी होता है। ऐसी ही खुशी बनारस से आए इमरान अंसार को भी मिली जब बनारस की साड़ी बनाने में वर्ष 2010 में राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
बनारस से पिछले 4 सालों से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पहुंचने वाले इमरान और अंसार का कहना है कि 4 सालों से लगातार कुरुक्षेत्र के क्राफ्ट मेेले में आ रहे है। इस क्राफ्ट मेेले में राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुठी पहचान बनाई है, जिसके कारण कुरुक्षेत्र का नाम पूरे विश्व में जाना जाता है। इस मेले को लेकर काफी उत्साहित रहते है, क्योंकि यह महोत्सव बहुत बड़े और अच्छे ढंग से आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव में हर प्रकार की सुविधाएं प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है।
उन्होंने कहा कि बनारस से इस बार 100 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक की साड़ी और 1200 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक के सूट लेकर आए है, हालांकि उनके पास बनारस की 25 हजार रुपए तक की कीमत की साड़ी भी है, लेकिन इस महोत्सव में पर्यटकों की मांग को पूरा करने के लिए किफायती दरों की साड़ी को लेकर आए है। उन्होंने कहा कि बनारस से सूट, साड़ी विशेष तौर पर लाए है। यहां के पर्यटक सूट और साड़ी को बड़े चाव से खरीदते है।
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